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आधुनिक तरीके से करें खेती, बढ़ेगी पैदावार

Updated at : 28 May 2019 8:12 AM (IST)
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आधुनिक तरीके से करें खेती, बढ़ेगी पैदावार

बिहारशरीफ : आधुनिक तरीके से खेती करें किसान, तो अधिक पैदावार होगी. फसलों की अच्छी उपज करने के लिए बीजोपचार बहुत ही जरूरी है. बीजोपचार करके खेतों में बीजों की बुआई करने से अंकुरण सही रूप से होता है और फसल भी निरोग रहती है. अतएव फसलों की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए किसान […]

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बिहारशरीफ : आधुनिक तरीके से खेती करें किसान, तो अधिक पैदावार होगी. फसलों की अच्छी उपज करने के लिए बीजोपचार बहुत ही जरूरी है. बीजोपचार करके खेतों में बीजों की बुआई करने से अंकुरण सही रूप से होता है और फसल भी निरोग रहती है. अतएव फसलों की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए किसान नयीई तकनीक के साथ खेती करें. नयी पद्धति से खेती करने में अपेक्षाकृत लागत भी कम आती है.

सोमवार को स्थानीय टाउन हॉल में जिला कृषि विभाग की ओर से आयोजित खरीफ महाभियान सह कर्मशाला में उक्त बातें कृषि वैज्ञानिकों ने कहीं. इससे पहले कृषि कर्मशाला का उद्घाटन नोडल पदाधिकारी ओमप्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी विभु विद्यार्थी, आत्मा के परियोजना निदेशक सतीश कुमार आदि ने संयुक्त रूप से किया.
किसानों को खेती करने के दिये जायेंगे टिप्स : आत्मा के परियोजना निदेशक सतीश कुमार ने कहा कि श्रीविधि से खेती कर फसल की अधिक उपज प्राप्त करें. खरीफ की खेती करने के पहले बीजोपचार अवश्य करें.
पंचायत स्तर पर पाठशाला कर किसानों को खेती करने के बारे में टिप्स बताये जायेंगे. उपादान आदि मुहैया करायी जायेगी. 10 जून से जिले में चौपाल आयोजित कर किसानों को प्रशिक्षण दिया जायेगा व बीजोपचार अभियान चलाया जायेगा.
हरनौत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ एनके सिंह, ज्योति सिन्हा ने फसलों की बुआई से लेकर कटाई तक के आधुनिक टिप्स बताये. तकनीकी सहायक धनंजय कुमार ने मंच का संचालन किया और कई तकनीकी जानकारियां भी दीं. मौके पर तकनीकी सहायक पुरुषोत्तम कुमार सिंह, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी, किशोर नंदा, मुरारी कृष्ण समेत बीएओ, कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक समेत कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी, कर्मी व दर्जनों किसान मौजूद थे.
किसानों की समस्याओं का तत्परता से करें निदान : कृषि कर्मशाला में नोडल पदाधिकारी ओमप्रकाश ने कहा कि किसानों की हर समस्या का निदान तत्परता के साथ करें. इसके लिए कर्मियों को किसानों के बीच जाना होगा. नियमित रूप से गांव, कस्बों, पंचायतों का भ्रमण करें और किसानों की समस्याओं को सुनें.
साथ ही समस्याओं का निराकरण की दिशा में कदम उठाएं, ताकि किसान समृद्ध हो सकें. उनका उत्थान व विकास समुचित रूप से हो सके. किसान कोऑर्डिनेटर की यह अहम जिम्मेदारी है कि किसानों के बीज जाकर योजनाओं की जानकारी दें. साथ ही उनकी हर समस्या के निदान की दिशा में तत्पर रहते हुए काम करें.
उन्होंने कहा कि इसकी निगरानी संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी को करनी होगी. जब मॉनीटरिंग होगी तो निश्चित रूप से किसानों की समस्याओं का समाधान होगा और उनका काम समय पर होगा. किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में विभाग हर कदम उठा रहा है. कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है.
उन्होंने जिले के बीएओ को निर्देश दिया कि लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में काम करें. योजनाओं पर नजर रखें, ताकि समय पर योजनाओं से किसान पूरी तरह से लाभान्वित हो पाएं. उन्होंने किसानों से कहा कि जैविक खेती पर विशेष ध्यान दें. इसकी खेती करने में पूंजी कम लगती है और उत्पादन ज्यादा होती है. जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी कारगर कदम उठाये गये हैं.
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