मुजफ्फरपुर: प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद इलाज व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, अपनों को बचाने की जद्दोजहद

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अग्निकांड के बाद जला पड़ा ICU वार्ड

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद इलाज व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. परिजनों ने एसकेएमसीएच में लापरवाही के आरोप लगाए हैं. हादसे में छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मरीज अब भी गंभीर हालत में हैं. पढे़ं पूरी खबर…

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मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल के आइसीयू वार्ड में लगी भीषण आग में छह लोगों की मौत और करीब 20 लोगों के घायल होने के बाद अब इलाज व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अगलगी के बाद गंभीर हालत में जिन मरीजों को सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसकेएमसीएच भेजा गया, उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं.

बर्न वार्ड के बजाय सामान्य वार्ड में रखा, नहीं आए डॉक्टर

सीतामढ़ी के टिकौली निवासी मरीज अबोध साह की पत्नी प्रतिभा कुमारी ने आरोप लगाया कि अगलगी के बाद उनके पति को एसकेएमसीएच के बर्न वार्ड के बजाय सामान्य वार्ड में रख दिया गया है. भर्ती होने के बाद एक भी डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया. हालत बिगड़ती देख जब वे मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाना चाहती थीं, तो अस्पताल प्रशासन ने न तो नाम काटा और न ही कोई कागजात दिए. आखिरकार, गुरुवार की शाम वे निजी वाहन से पति को सीतामढ़ी के एक निजी अस्पताल ले गईं, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

कर्मचारी ने बचाई 11 वर्षीय सत्यम की जान

वहीं, पियर के बड़गांव निवासी डब्लू पासवान के 11 साल के बेटे सत्यम कुमार का इलाज भी प्रसाद हॉस्पिटल के उसी आइसीयू में चल रहा था. पिता ने बताया कि आग की सूचना पर जब वे पहुंचे तो भीतर का भयावह दृश्य देख हिम्मत जवाब दे गई. इसी बीच अस्पताल के एक कर्मचारी ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें सौंपा. सत्यम का इलाज फिलहाल एसकेएमसीएच में चल रहा है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. इस घटना ने जहां निजी अस्पतालों की सुरक्षा, वहीं सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं.

अस्पताल का लाइसेंस रद्द

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बता दें, गुरुवार सुबह करीब 4 बजे के आसपास शहर के बड़े प्राइवेट अस्पताल प्रसाद के आईसीयू वार्ड में अचानक भीषण आग लग गयी. आग लगने से पूरे अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल हो गया. अब तक इस घटना में 6 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं कई मरीज बुरी तरह झुलस गये हैं. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार शाम अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, अस्पताल में हुए इस भयावह अग्निकांड और प्रबंधन की लापरवाही अक्षम्य है. लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ सिविल सर्जन ने अस्पताल के मालिक और प्रबंधन से इस पूरी लापरवाही पर बेहद कड़ा स्पष्टीकरण (शो-कॉज) भी मांगा है. जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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अनिकेत कुमार

लेखक के बारे में

By अनिकेत कुमार

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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