अस्पताल से टूटने लगी आस तो झाड़फूंक के लिए आइसीयू से निकली सुनीता, दुर्घटना में पति-पत्नी जख्मी

अस्पताल से टूटने लगी आस तो झाड़फूंक के लिए आइसीयू से निकली सुनीता, दुर्घटना में पति-पत्नी जख्मी
-मेडिकल ओवरब्रिज के पास तेज रफ्तार गाड़ी ने ई रिक्शा में मारी ठोकर, पति को लगे 18 टांके, वापस अस्पताल में हुई भर्ती – किडनी कांड के बाद बीते डेढ़ वर्ष से अधिक से एसकेएमसीएच में आइसीयू में जीवन-मौत से जूझ रही है सुनीता मुजफ्फरपुर. किडनी कांड की पीड़िता सुनीता डेढ़ वर्षों से एसकेएमसीएच के आइसीयू में भर्ती है. अब अस्पताल में ट्रीटमेंट से विश्वास उठने लगा है. लगातार अस्पताल में रहकर वह टूटने लगी है. बुधवार को सुनीता अस्पताल से अपने पति अकलू राम के साथ ई रिक्शा में सवार होकर झाड़फूंक कराने के लिए एसकेएमसीएच के आइसीयू से निकल गयी. गाड़ी उसके पति चला रहे थे. उन्हें झपहां जाना था. लेकिन जैसे ही गाड़ी मेडिकल ओवरब्रिज के पास पहुंची सामने से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने ई रिक्शा में जोरदार ठोकर मार दी. इसके बाद ई रिक्शा बीच सड़क पर ही पलट गया. इस दौरान सुनीता भी चोटिल हुई और उसके पति अकलू राम गंभीर रूप से जख्मी हो गये. अकलू के पैर और सिर में गहरा जख्म पहुंचा है. उसे कुल 18 टांके लगे हैं. स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह दोनों को वापस एसकेएमसीएच लाया गया. यहां सुनीता को फिर से आइसीयू में लाया गया. वहीं उसके पति का इमरजेंसी में इलाज चल रहा है. अकलू राम ने बताया कि सुनीता लगातार अस्पताल में रहकर ऊब चुकी है. उसने कहा था कि भगत के यहां जाना है. उसके कहने पर ही उसे अस्पताल से लेकर झपहां के लिए निकले थे. इसी दौरान मेडिकल ओवरब्रिज के पास सामने से आ रहे वाहन ने जोरदार ठोकर मारकर घायल कर दिया. बिना बतायें आइसीयू से निकली एसकेएमसीएच अधीक्षक विभा कुमारी ने बताया कि सुनीता बिना किसी को बताये स्वयं अपने पति के साथ अस्पताल से निकल गयी थी. दुर्घटना के बाद उसे वापस यहां लाया गया. उसे फिर से भर्ती कर लिया गया है. बता दें कि सुनीता के पति अकलू राम ने दो महीने पहले ही सुनीता को मिले मुआवजे के पैसे से ई रिक्शा खरीदा था. एक हफ्ते पहले नर्सिंग होम संचालक को कोर्ट ने दी सात साल की सजा सकरा थाना के बाजी राउत गांव की सुनीता देवी की दोनों किडनियां निकालने के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद डाॅ पवन कुमार को सात दिन पहले कोर्ट ने दोषी करार देते हुए अलग अलग धाराओं में सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी गयी थी. आरोपित डॉ पवन कुमार 16 नवंबर 2022 से जेल में बंद है. कोर्ट ने डॉ पवन को धारा 384 में एक साल की सजा व तीन हजार अर्थदंड, धारा 420 में तीन साल व पांच हजार जुर्माना और धारा 326 में सात साल की सजा और दस हजार जुर्माना लगाया गया था..बरियारपुर स्थित शुभकांत क्लीनिक में ही तीन सितंबर 2022 सुनीता के गर्भाशय का ऑपरेशन किया गया था. यह क्लीनिक झोलाछाप डॉक्टर पवन कुमार का बताया गया था. पांच सितंबर को सुनीता की तबीयत खराब होने पर उसे श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल लाया गया था.
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