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बिहार के इस शहर में बनेगा बायोडायवर्सिटी पार्क, DM ने दिया निरीक्षण करने का निर्देश

Updated at : 16 Feb 2025 8:12 PM (IST)
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Bihar News

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Bihar News: मुजफ्फरपुर में जल्द ही गया की तर्ज पर जैव विविधता पार्क का निर्माण होगा. दुर्लभ वनस्पतियों के संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए प्रशासन ने जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. यह पार्क न केवल हरियाली बढ़ाएगा, बल्कि शिक्षा और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा.

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Bihar News: बिहार में गया के तर्ज पर अब मुजफ्फरपुर में भी जैव विविधता पार्क का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए जिले में उपयुक्त भूमि की तलाश तेज कर दी गई है. जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे एक पखवाड़े के भीतर जमीन चिह्नित कर उसकी पूरी जानकारी, जिसमें खाता, खेसरा और रकबा शामिल हो, रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत करें.

जैव विविधता पार्क निर्माण का उद्देश्य

जैव विविधता पार्क के निर्माण का मुख्य उद्देश्य दुर्लभ, संकटग्रस्त और विलुप्तप्राय वनस्पतियों का संरक्षण करना है. इसके अलावा, यह पार्क पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने और शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने में मदद करेगा. इस पहल से न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि उत्तर बिहार के लोगों को भी कई लाभ मिलेंगे.

गया में पहले से मौजूद है राज्य का पहला जैव विविधता पार्क

बता दें कि राज्य का पहला जैव विविधता पार्क गया जिले के डोभी के पिपरघट्टी में एनएच-2 के किनारे स्थित है. इसे वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा वर्ष 2016 में 63.85 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया था. यह पार्क कई प्रकार के दुर्लभ और महत्वपूर्ण वनस्पतियों का संरक्षण करता है. इसी मॉडल को अब मुजफ्फरपुर में लागू करने की योजना बनाई गई है. वन एवं पर्यावरण विभाग इस परियोजना को क्रियान्वित करेगा. भूमि चिन्हित होने के बाद सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके पश्चात परियोजना के लिए राशि आवंटित की जाएगी.

जैव विविधता पार्क के लाभ

  • कार्बन पृथक्करण और जल स्रोतों का पुनर्भरण
  • शहरी समाज को शैक्षिक और मनोरंजक लाभ
  • संरक्षण शिक्षा को बढ़ावा
  • पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार और संरक्षण नैतिकता को बढ़ावा

आर्द्रभूमि का सीमांकन होगा

डीएम ने जिले में स्थित आर्द्रभूमि वाले क्षेत्रों की पैमाइश कर सीमांकन का आदेश दिया है. इस कार्य की समय-समय पर समीक्षा करने की जिम्मेदारी दोनों एसडीओ को दी गई है.

मुजफ्फरपुर जिले के प्रमुख आर्द्रभूमि क्षेत्र इस प्रकार हैं

  • मनिका मन (मुसहरी प्रखंड) – क्षेत्रफल: 105 हेक्टेयर
  • कोठिया मनशरीफ (कांटी प्रखंड) – क्षेत्रफल: 155 हेक्टेयर
  • बनियाराही मन (मड़वन और सरैया प्रखंड के बीच) – क्षेत्रफल: 345 एकड़
  • नरसन चौर (मड़वन, कुढ़नी और सरैया प्रखंड) – क्षेत्रफल: 205 हेक्टेयर
  • नेकनामपुर चौर (पारू प्रखंड) – क्षेत्रफल: 220 हेक्टेयर

DM ने संबंधित अंचल अधिकारियों को इन क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कर सीमांकन कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है.

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मुजफ्फरपुर में जैव विविधता पार्क का निर्माण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और हरित क्षेत्र को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा. इसके सफल क्रियान्वयन से स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में पर्यटन और शोध कार्यों को भी बल मिलेगा.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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