Vat Savitri News: अखंड सौभाग्य और अटूट श्रद्धा का महापर्व, बेगूसराय समेत पूरे बिहार में उत्साह जानिए
Author : Vivek Pandey Published by : Vivek Ranjan Updated At : 14 May 2026 2:49 PM
Vat Savitri News:भारतीय संस्कृति में पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाने वाला महापर्व वट सावित्री इस वर्ष 16 मई को मनाया जाएगा, जिसको लेकर बेगूसराय के साथ पूरे बिहार में धूम हैं.
Vat Savitri News: बेगूसराय जिले में भारतीय संस्कृति में पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाने वाला महापर्व वट सावित्री इस वर्ष 16 मई (शनिवार) को मनाया जाएगा. इस अवसर पर बेगूसराय सहित पूरे बिहार में सुहागिन महिलाओं के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है. महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए वट वृक्ष (बरगद) की विशेष पूजा-अर्चना करेंगी.
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
वट सावित्री का पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति, पारिवारिक मूल्यों और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी संगम है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता सावित्री ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और बुद्धिमत्ता से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस ले लिए थे। यह पर्व इसी अटूट प्रेम और विश्वास का संदेश देता है.
पूजन का शुभ मुहूर्त
बेगूसराय के न्यू प्रोफेसर्स कॉलोनी निवासी प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित राघवेंद्र झा (हीरा जी) के अनुसार, इस वर्ष पूजा के लिए दो विशेष शुभ समय उपलब्ध हैं, जो इस प्रकार हैं.
प्रथम शुभ मुहूर्त: सुबह 07:12 बजे से सुबह 08:24 बजे तक.
द्वितीय शुभ मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक.
प्रकृति और परंपरा का संगम
पर्व के दौरान महिलाएं वट वृक्ष की परिक्रमा कर उसमें रक्षा सूत्र बांधती हैं। बरगद के वृक्ष को ‘अक्षय’ माना जाता है, जो दीर्घायु का प्रतीक है. पंडित हीरा जी बताते हैं कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और कठिन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति मिलती है.
पर्व को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है, जहां महिलाएं पूजन सामग्री और श्रृंगार के सामानों की खरीदारी करती नजर आ रही हैं.
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By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
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