खतरनाक जोन से नीचे नहीं आ रहा एक्यूआइ, स्वच्छ शहरों से सीखने की जरूरत

Updated at : 13 Nov 2024 9:46 PM (IST)
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खतरनाक जोन से नीचे नहीं आ रहा एक्यूआइ, स्वच्छ शहरों से सीखने की जरूरत

खतरनाक जोन से नीचे नहीं आ रहा एक्यूआइ, स्वच्छ शहरों से सीखने की जरूरत

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देश के सबसे प्रदूषित टॉप-10 शहरों में मुजफ्फरपुर शामिल, बुधवार के 200 एक्यूआइ

मुजफ्फरपुर

देश के सबसे प्रदूषित टॉप-10 शहरों में मुजफ्फरपुर शामिल हो चुका है. जो आम जीवन के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है. हालात यह है कि बीते करीब पंद्रह दिनों से हवा में धूल-कण की मात्रा इतनी बढ़ गयी है कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है. बुधवार को भी शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ ) 200 था. हाल में हुए सर्वे के अनुसार कुल मिलाकर देश के पांच फीसदी से भी कम शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर बेहतर है. ऐसे शहरों को चिह्नित कर, कैसे वहां स्वच्छ हवा को लेकर काम किया जा रहा है, उसे अपनाने की जरूरत है. शहर में क्षेत्र में फिलहाल निजी निर्माण कार्यों के अलावे स्मार्ट सिटी का कार्य लंबे समय से चल रहा है, वहीं शहर के बीच जंक्शन रि-डेवलपमेंट का काम हो रहा है. इन सभी जगहों पर प्रदूषण नियंत्रण के मानक के अनुसार काम हो, इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत है.

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं, जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है. इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है. इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है. वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है. तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है.

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है. इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है, जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है.

प्रभात अपील प्रदूषण कम करने में करें सहयोग

– अधिक से अधिक सार्वजनिक वाहन का प्रयोग करें- पेड़ लगाये, और बच्चों को भी जागरूक करें

– री-साइकल और री-यूज- प्लास्टिक के उपयोग से बचें

– सही तरीके से मलवा और कूड़ा का निपटारा करें- इंडोर प्रदूषण को भी कम करें

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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