मुजफ्फरपुर: पीएचसी में स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करने के लिए अब कड़ी निगरानी होगी. प्रत्येक सप्ताह में दो दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का गहन निरीक्षण होगा. साथ ही प्रत्येक शनिवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व सीडीपीओ की बैठक होगी. मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम अनुपम कुमार ने यह निर्देश दिये. बैठक में स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए 32 बिंदुओं पर समीक्षा हुई.
इस क्रम में नियमित टीकाकरण, कालाजार उन्मूलन, मलेरिया के रोगियों की पहचान, गर्भवती महिलाओं की चिकित्सीय जांच, परिवार नियोजन के लिए आइयूडी लगाना व गर्भ निरोधक गोली के वितरण आदि के बारे में विस्तार से चर्चा हुआ. खास तौर पर वर्ष 2015 में जिले को कालाजार से मुक्त कराने के लिए तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया गया. 18 जनवरी से प्रारंभ होने वाले पल्स पोलियो कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारी करने की बात कही गयी.
संस्थागत प्रसव, नवजात शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं के देखभाल के उपलब्ध संसाधनों व व्यवस्था के उन्मुखीकरण पर केयर संस्था की जिला प्रबंधक दीपिका दोषी ने विस्तृत जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि प्रसव कार्य में दक्ष बनाने के लिए संस्था की ओर से नर्स व डॉक्टर को प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसके लिए चार फेज में प्रशिक्षण दिया जायेगा.
बुधवार से शुरू होने वाली पेंटावेलेंट टीका करण के बारे में सिविल सजर्न ने जानकारी दी कि इसका शुभारंभ सदर अस्पताल से पूर्वाह्न् में होगी. बैठक में उपविकास आयुक्त कॅवल तनुज, प्रशिक्षु आइएस जितेंद्र गुप्ता के साथ सभी चिकित्सा प्रभारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी व जिला प्रोग्राम पदाधिकारी उपस्थित थे.
