स्वस्थ रहने के लिए रखें सही खानपान
Author Prabhat khabar digital desk
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मुजफ्फरपुर : अगर खानपान ठीक से करें, तो अधिकतर बीमारियों से बच सकते हैं. जीवनशैली में सुधार करना, जैसे सुबह घुमना, जंकफूड ना खाना, योग करना, तनावपूर्ण जीवन जीना जैसी आदतों को अपनाते हैं, तो मधुमेह, हार्ट, बीपी, हाइपोटेंशन जैसी कॉमन बीमारियों से बच सकते हैं. अभी हर उम्र के लोगों को बीपी व मधुमेह […]
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मुजफ्फरपुर : अगर खानपान ठीक से करें, तो अधिकतर बीमारियों से बच सकते हैं. जीवनशैली में सुधार करना, जैसे सुबह घुमना, जंकफूड ना खाना, योग करना, तनावपूर्ण जीवन जीना जैसी आदतों को अपनाते हैं, तो मधुमेह, हार्ट, बीपी, हाइपोटेंशन जैसी कॉमन बीमारियों से बच सकते हैं.
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अभी हर उम्र के लोगों को बीपी व मधुमेह जैसी बीमारी हो रही हैं. इससे बचने के लिए इन सभी को अपनाएं. बीमारियां दूर रहेगी. यह बातें रविवार को एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन इंडिया (एपीआई) व हृदयम फाउंडेशन की ओर से जीडी मदर स्कूल कैंपस में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने लोगों से कही.
एपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कमलेश तिवारी, हृदयम फाउंडेशन के डॉ बीबी ठाकुर, डॉ एके दास, डॉ सतीश कुमार, डॉ एए मुमताज, डॉ एसएन मिश्रा, डॉ डीपी खेतान, डॉ संजीव पांडे और डॉ नवनीत ने विचार रखा. इस दौरान संवाद में आये लोगों ने सवाल किया कि अभी सबसे अधिक लोगों में डायबिटीज, बीपी, हार्ट की बीमारियां हो रही. पहले जहां 40 के बाद मधुमेह व हार्ट की बीमारियां होती थी, वहीं आज छोटे बच्चों को भी हो रहा है.
वायु प्रदूषण से लोग सबसे अधिक पीड़ित
डॉ बीबी ठाकुर: आज हमारे यहां वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण सबसे बड़ा बीमारी का कारण बन रहा है. हम अगर इस पर ध्यान दें, तो कई बीमारियों से बच सकते हैं. अगर कोई सिगरेट का सेवन कर रहा है, तो वह अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ कई और लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा हैं.
उन्होंने कहा कि रातों को लोग कोयला या लकड़ी जला कर कमरे में रख देते है, ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए. ठंड में सबसे अधिक बुजुर्गों को खतरा रहता है. उन्हें हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, मधुमेह होने का खतरा होता है. ऐसे में अपनी जीवन शैली पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है.
सीने में दर्द ही हार्ट अटैक के लक्षण नहीं
डॉ अकील अहमद मुमताज : सीने में दर्द होना ही हार्ट अटैक के लक्ष्ण नहीं हो सकते हैं. बाहों में दर्द, गर्दन में दर्द, जबरे में दर्द, पीठ में दर्द, पेट में दर्द, असहज महसूस करना, पसीना चलना, शरीर का ठंडा पड़ जाना, उल्टी होना, धड़कन बढ़ना, सीने में जलन जैसे भी हार्ट अटक के लक्ष्ण होते हैं.
अगर ऐसा होता है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. अगर किसी को हार्ट अटैक होता है, तो वह तुरंत डॉक्टर के पास जाये . अगर कोई सिगरेट का सेवन, अलकोहल का सेवन, मोटापा होना, ब्लड प्रेशर, मधुमेह है तो उन्हें हार्ट अटैक की संभावना अधिक रहती है.
हाइपोटेंशन डाल सकता है गंभीर प्रभाव
डॉ कमलेश तिवारी : हाइपोटेंशन यानी लो ब्लड प्रेशर उसको कहते हैं, जब ब्लड प्रेशर अचानक से 90/60 से कम हो जाता है. हाइपोटेंशन हार्ट कॉन्ट्रैक्शन की कमी के कारण ब्लड वॉल्यूम को कम कर देता है. ब्लड प्रेशर रीडिंग को दो तरह से नंबर के रूप में मापा जाता है. ऊपर जाने वाली संख्या को सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहा जाता है और नीचे आने वाली संख्या को डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहा जाता है.
हाइपोटेंशन किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है. अधिक व्यायाम, ज्यादा समय तक खड़े रहना, अधिक बैठने या लेटने की वजह से भी आपका ब्लड प्रेशर कम हो सकता है. इसका सामान्य लक्ष्ण है. चक्कर आना, बेहोशी, ध्यान में कमी, धुंधली नजर, जी मचलाना, ठंड लगना या त्वचा में पीलापन होना, गहरी सांस न ले पाना, थकान, तनाव, प्यास आना है. अग�� ऐसा होता है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
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