बिहार में डबल इंजन वाली सरकार को असंवेदनशीलता का बुखार : कांग्रेस

Updated at : 22 Jun 2019 9:49 PM (IST)
विज्ञापन
बिहार में डबल इंजन वाली सरकार को असंवेदनशीलता का बुखार : कांग्रेस

नयी दिल्ली : बिहार के मुजफ्फरपुर में श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज के निकट मानव कंकाल मिलने की खबर को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को बिहार की भाजपा-जदयू सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि डबल इंजन वाली सरकार को असंवेदनशीलता का बुखार चढ़ चुका है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : बिहार के मुजफ्फरपुर में श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज के निकट मानव कंकाल मिलने की खबर को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को बिहार की भाजपा-जदयू सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि डबल इंजन वाली सरकार को असंवेदनशीलता का बुखार चढ़ चुका है.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, "अस्पताल के अंदर ‘चमकी’ की चीत्कार, बाहर पड़े मिले कंकाल? नन्हें मासूमों की चीखों को करके दरकिनार, खुद ही बीमार पड़ गयी यह डबल-इंजन भाजपा सरकार! सरकार को आया असंवेदनशीलता का बुखार, इंसानियत हुई शर्मसार!” खबरों के मुताबिक मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पीछे मानव कंकाल मिले हैं. इसी अस्पताल में इंसेफेलाइटिस के चलते कई बच्चों की मौत हो चुकी है.

मुजफ्फरपुर:
एसकेएमसीएच अस्पताल के पास मानव कंकाल के अवशेष मिले

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) के पोस्टमॉर्टम खंड के निकट कचरे के ढेर में मानव कंकाल के अवशेष मिलने का मामला सामने आया है. 1 जून से चमकी बुखार से 100 से ज्यादा बच्चों की मौत को लेकर एसकेएमसीएच खबरों में है. अस्पताल के अधीक्षक सुनील कुमार शाही ने कहा कि लावारिस शवों का पोस्टमॉर्टम के बाद नियत समय में अंतिम संस्कार कर दिया जाता है. ये मानव कंकाल के ये अवशेष उस स्थान से मिले हैं जहां अंतिम संस्कार किए जाते हैं. लेकिन, मैं मानता हूं कि यह काम बेहद मानवीय तरीके से होना चाहिए.

शाही ने संवाददाताओं से कहा ,‘‘पोस्टमॉर्टम खंड अस्पताल से संबद्ध मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है. मैंने मामले की खोजबीन करने के लिए एक समिति गठित करने और प्रतिकारक कदम उठाने के लिए उनसे कहा है.” चमकी बुखार से बच्चों की मौतों के कारण महामारी जैसी स्थिति की कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब में शाही ने यह बात कही.

न्यूज चैनलों में अवशेषों की तस्वीरें दिखाई जाने के बाद जिला प्रशासन तत्काल हरकत में आया और अनुमंडल अधिकारी (पूर्व) कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक (शहर) नीरज कुमार घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा,‘‘गहन जांच पूरी होने तक हम इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.” वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शवों का अंतिम संस्कार ठीक ढंग से नहीं किया जाना लंबे समय से क्षेत्र की समस्या बनी हुई है. यहां आवारा कुत्तों को अधजले शवों पर झपटते देखा जा सकता है.

मुजफ्फरपुर के अस्पताल में कन्हैया कुमार को घुसने नहीं दिया गया

मुजफ्फरपुर : बिहार में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों को इलाज मुहैया कर रहे यहां स्थित श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को घुसने की इजाजत नहीं दी गयी. चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) के संदिग्ध मामलों के चलते 127 बच्चों की मौत हो चुकी है. कन्हैया कुमार एसकेएमसीएच जाने के लिए मुजफ्फरपुर आए, लेकिन अस्पताल अधिकारियों के एक आदेश के चलते उन्हें बच्चों के आईसीयू और सामान्य वार्ड में घुसने की इजाजत नहीं दी गयी.

दरअसल, एसकेएमसीएच अधीक्षक ने बृहस्पतिवार को यह आदेश जारी किया था कि मीडियाकर्मियों सहित किसी भी बाहरी व्यक्ति को अस्पताल की शिशु इकाई में घुसने की इजाजत नहीं दी जायेगी. हालिया लोकसभा चुनाव में राज्य की बेगूसराय सीट से भाकपा के प्रत्याशी रहे कन्हैया ने चमकी बुखार से हुई बच्चों की मौत पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए.

इस बीच, अस्पताल को एक पूर्व आईपीएस अधिकारी ने दो एंबुलेंस, एक शव वाहन और अन्य चीजें दान की हैं. बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल ने ओआरएस, बिस्कुट और ग्लूकोज के 40,000 पैकेट भी दान में दिये हैं. बाबा गरीबनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी विनय पाठक के साथ कुणाल ने एसकेएमसीएच में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों की मदद के लिए जिला प्रशासन को ये चीजें तथा वाहन सौंपे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन