मुजफ्फरपुर : रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचे डीएम, कर्मियों पर बिगड़े
Updated at : 03 Feb 2019 9:45 AM (IST)
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दस मिनट तक कर पूछताछ की, कई गड़बड़ियां मिली मुजफ्फरपुर : जमीन रजिस्ट्री में रिश्वतखोरी की शिकायत पर जिलाधिकारी मो सोहैल एक सामान्य नागरिक की तरह शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे अचानक रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचे. इस दौरान उन्हें कई गड़बड़ियां मिलीं. जिलाधिकारी सबसे पहले आरटीपीएस काउंटर पर गये. जमीन रजिस्ट्री का दस्तावेज जमा कर […]
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दस मिनट तक कर पूछताछ की, कई गड़बड़ियां मिली
मुजफ्फरपुर : जमीन रजिस्ट्री में रिश्वतखोरी की शिकायत पर जिलाधिकारी मो सोहैल एक सामान्य नागरिक की तरह शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे अचानक रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचे. इस दौरान उन्हें कई गड़बड़ियां मिलीं.
जिलाधिकारी सबसे पहले आरटीपीएस काउंटर पर गये. जमीन रजिस्ट्री का दस्तावेज जमा कर नंबर देने की प्रक्रिया की जानकारी ली. कर्मचारी के जवाब से असंतुष्ट दिखें. फिर ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर पर पहुंचे. वहां सेवानिवृत्त कर्मी की ड्यूटी लगी थी. जब उन्होंने कुछ कर्मियों से रजिस्ट्री की तैयार होने वाले जमीन के दस्तावेज व शुल्क के बारे में पूछा, तो उन्हें ऑफिस के ‘बड़ाबाबू’ मायानंद के पास जाने की सलाह दी गयी.
इस पर डीएम भड़क गये. मौके पर ही उन्होंने कर्मियों को खरी-खरी सुनाना शुरू कर दिया. बोले-आपलोगों को कोई जानकारी नहीं है? तब तक जिला अवर निबंधक (डीएसआर) संजय ग्वालिया अपने चैंबर से निकल उनके पास पहुंचे. डीएम ने उनसे भी कई सवाल-जवाब किये. डीएम ने जिला अवर निबंधक को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए डीएसआर को ऑफिस पर हावी बिचौलियां को खत्म करने का निर्देश दिया.
अब ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर पर ही कंप्यूटराइज्ड प्रिंट
निरीक्षण के बाद डीएम ने ऑफिस में डीएसआर संजय ग्वालिया को तलब कर पूरा सिस्टम को सुधारने के निर्देश दिया. अब ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर पर तेज-तर्रार कर्मी की तैनाती होगी. काउंटर पर ही तैनात कर्मी जमीन रजिस्ट्री की वैल्यू के आधार पर लागत शुल्क राशि की कंप्यूटराइज्ड प्रिंट निकाल कर देंगे, जिस पर जमीन के विक्रेता व ग्राहक दोनों के हस्ताक्षर होंगे. इस कागज के बिना अब जमीन रजिस्ट्री संभव नहीं होगा. आरटीपीएस काउंटर पर तैनातकर्मी को माइक से अनाउंस कर विक्रेता व ग्राहक को लागत राशि के बारे में बताने का निर्देश दिया गया है.
आरटीपीएस से ही नन इंकम्ब्रेस सर्टिफिकेट मिलेगा
जमीन रजिस्ट्री पर लोन देने से पूर्व बैंकों द्वारा रजिस्ट्री ऑफिस से नन इंकम्ब्रेस सर्टिफिकेट की मांग की जाती है. इसमें बिना रिश्वत लिये एक भी सर्टिफिकेट नहीं निर्गत होता है. डीएम को जब इसकी शिकायत मिली, तो उन्होंने अब सहायक के बदले सीधे आरटीपीएस काउंटर के माध्यम से दोपहर तीन बजे तक आवेदन जमा करने व तीन बजे के बाद सर्टिफिकेट निर्गत करने का निर्देश डीएसआर को दिया है.
एक दिन पहले शिकायत मिली थी. जांच के लिए दो अधिकारी को भेजा. दोनों की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर मैंने खुद एक सामान्य व्यक्ति की तरह पहुंच जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया की जानकारी ली. मेरा अनुभव काफी खराब रहा.
मो सोहैल, जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर
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