मुजफ्फरपुर : मुकेश पाठक व संतोष झा के गुर्गों में टकराव की आशंका, उत्तर बिहार में अलर्ट जारी

Updated at : 30 Aug 2018 8:21 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर : मुकेश पाठक व संतोष झा के गुर्गों में टकराव की आशंका, उत्तर बिहार में अलर्ट जारी

मुजफ्फरपुर : कुख्यात संतोष झा की हत्या के बाद मुजफ्फरपुर जिले की पुलिस सतर्क हो गयी है. सतर्कता की वजह मुकेश और संतोष गिरोह के शूटरों के बीच खूनी टकराहट की आशंका को लेकर है. साथ ही नेतृत्वविहीन संतोष के शूटर और गुर्गों पर बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की भी आशंका व्यक्त की […]

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मुजफ्फरपुर : कुख्यात संतोष झा की हत्या के बाद मुजफ्फरपुर जिले की पुलिस सतर्क हो गयी है. सतर्कता की वजह मुकेश और संतोष गिरोह के शूटरों के बीच खूनी टकराहट की आशंका को लेकर है. साथ ही नेतृत्वविहीन संतोष के शूटर और गुर्गों पर बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की भी आशंका व्यक्त की जा रही है. पुलिस मुख्यालय ने पूरे उत्तर बिहार में अलर्ट जारी करते हुए दोनों गिरोह के शूटरों पर निगाह रखने की हिदायत दी है.
इतना ही नहीं उन्हें चिह्नित कर अग्रेतर कार्रवाई का भी आदेश दिया है. मोतिहारी, सीतामढ़ी, दरभंगा, शिवहर व मुजफ्फरपुर के आरक्षी अधीक्षकों सतर्क कर दिया गया है. गौरतलब हो कि जिले के अहियापुर, सदर और कांटी थाना क्षेत्र में इस गिरोह का ठिकाना रहा है. इन थाना क्षेत्रों से इस गिरोह के कई शूटर की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.
पुलिस और आपराधिक गिरोह के बीच चल रही चर्चाओं की माने तो इन दिनों संतोष झा और मुकेश पाठक के बीच अनबन चल रही थी. इस वजह से गिरोह में शामिल शूटर और गुर्गें भी आपस में बंटे हुए हैं. इंजीनियर ब्रजेश कुमार और मुकेश सिंह हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त मुकेश पाठक को पुलिस ने 11 जुलाई, 2016 को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से ही आका संतोष झा से उसकी अनबन शुरू हो गयी.
शिवहर जेल में हुई थी मीटिंग
गिरफ्तारी के बाद मुकेश पाठक को शिवहर जेल भी भेजा गया. वहां पूर्व से ही शिवहर जिले का एक नक्सली नेता बंद था. मुकेश ने उन दोनों के साथ बैठक कर अलग गिरोह चलाने का निर्णय ले लिया था. सीतामढ़ी जेल में एक माफिया से भी संतोष झा की अनबन हुई थी. शिवहर जेल में बंद गैंगस्टर उक्त माफिया के सिंडिकेट का की सदस्य बताया जाता है. उक्त माफिया ने भी मुकेश पाठक को समर्थन देना शुरू कर दिया. इसके बाद मुकेश की शक्ति संतोष झा से तीन गुनी हो गयी.
अहियापुर व कांटी में रहा है ठिकाना
संतोष झा और मुकेश पाठक के गिरोह के शूटर व गुर्गों का ठिकाना इस जिले के कई थाना क्षेत्र में है. दोहरे इंजीनियर हत्याकांड सहित अन्य संगीन वारदात को अंजाम देने के बाद उसके गिरोह के शूटर इस जिले के अहियापुर, कांटी व सदर थाना क्षेत्र में ही छिप कर रहते थे.
इन थाना क्षेत्रों से उसके कई शार्प शूटर गिरफ्तार हो चुके है. अहियापुर के बैरिया में मुकेश पाठक के ममेरा भाई का साइबर कैफे है. उसके शार्प शूटर अभिषेक झा 3 मार्च 2016 को कांटी के धमौली कलवारी से गिरफ्तार किया गया था. वहीं, 28 दिसंबर 2015 को पुलिस ने अभिषेक झा के भाई बालमुकुंद झा,बिट्टू झा सहित अन्य शूटरों को अहियापुर के शेखपुर से पकड़ा था.
संतोष झा का साला गुड्डु झा को भी पुलिस चांदनी चौक पर हथियार के साथ गिरफ्तार किया था. शार्प शूटर विकास झा को भी पुलिस वर्ष 2012 में बैरिया स्टैंड से गिरफ्तार किया था. इसके पूर्व वर्ष 2011 में शार्प शूटर चिरंजीवी सागर को पुलिस ने बैरिया के बैकुंठपुरी मुहल्ले से गिरफ्तार किया था.
संतोष पर हमले के लिए तीन टुकड़ी थी तैयार
संतोष की हत्या की फुलप्रूफ तैयारी की गयी थी. हत्या के लिए 20 युवकों को डेढ़ महीने से ट्रेनिंग दी जा रही थी. हत्या के दिन सभी 20 युवकों में कुछ न्यायालय परिसर के अंदर व कुछ बाहर में थे. हमला के लिए तीन टीम तैयार की गयी थी. घटनास्थल पर 40 अत्याधुनिक हथियार के साथ सदस्य मौजूद थे. पहले टीम के विफल होने पर दूसरे व तीसरा टीम संतोष पर धावा बोलता. अब गिरोह का संचालन करने के लिए किसी निर्दोष की हत्या नहीं की जायेगी.
गिरोह की लड़ाई प्रशासन या आमलोगों से नहीं है. मुकेश पाठक के जेल में रहने तक गिरोह का संचालन तीन टुकड़ी में बांट कर राजा मिश्रा, रूद्र त्रिपाठी व सोनू पांडेय करेंगे. राजा ने गिरोह के दुश्मनों को आगाह करते हुए कहा कि सीतामढ़ी तो झांकी है, शिवहर व मोतिहारी अभी बाकी है.
प्रतिशोध में खूनी संघर्ष की बढ़ी आशंका
मंगलवार को सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में संतोष झा की गोली मार हत्या के बाद दोनों गुटों के बीच खूनी टकराहट की आशंका व्यक्त की जा रही है. इसको लेकर इस पुलिस को भी अलर्ट किया गया है. वरीय अधिकारियों ने सभी थानेदारों को दोनों गैंगस्टर सहित उसके समर्थक गैंग के शूटरों पर निगाह रखने की हिदायत दी है. साथ ही उनकी सूची तैयार कर निरोधात्मक कार्रवाई का भी आदेश दिया गया है.
हथियारों की बरामदगी पुलिस के लिए चुनौती
संतोष झा के गिरोह में चार एके-47, एक एके-56,दर्जनों 9 एमएम पिस्टल मौजूद होने की बात बतायी जाती है. ये अत्याधुनिक हथियार उसके शूटरों के पास होने की संभावना जतायी जा रही है. पुलिस के समक्ष इन अत्याधुनिक हथियारों के बरामदगी की भी चुनौती होगी.
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