रंग-बिरगी रोशनी से कई इलाके देर रात तक जगमगा रहे हैं. देर रात तक जग कर लोग कुरान शरीफ की तिलावत कर रहे हैं. मौलाना कहते हैं कि रमजान के 21, 23, 25, 27 व 29 रोजे को अल्लाह की इबादत का विशेष दिन होगा. इस दिन अल्लाह रोजेदारों की गुनाही की माफी करते हैं. इस दिन जो अल्लाह की इबादत में रात भर बिताता है. उसके सारे गुनाह माफ हो जाते हैं. रोजेदारों ने विशेष इबादत के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है.
ये ख्याल करके आदमी अपने अमल मे कोताही करता और संतुष्ट होकर बैठ जाता. रमजान में आखिरी अशरा जहन्नम की आग में छुटकारे के पांच विशेष रातों में शबेकदर की तलाश आदमी के अंदर एक उत्सुकता जगाए रखने में मददगार बनती है. यही वजह है कि अहले इमान रोजेदार इन रातों में ज्यादा से ज्यादा इबादत किया करते हैं और इनाम खुदाबंदी पाते हैं.

