रेलकर्मी को गोली मारने के 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, न आरोपित गिरफ्तार न हथियार बरामद
Published by : Shruti Kumari Updated At : 03 Jun 2026 11:17 AM
रामपुर रेलवे कॉलोनी में जांच-पड़ताल के दौरान जुटी पुलिस टीम
Munger news: जानकारी के अनुसार राहुल कुमार झा रामपुर रेलवे कॉलोनी स्थित रेलवे क्वार्टर संख्या 488 ईएफ में रहते हैं. उनके पड़ोसी साजन यादव का क्वार्टर संख्या 488 एबी है. आरोप है कि सोमवार की देर शाम राहुल कुमार झा को साजन यादव ने अपने क्वार्टर में बुलाया, जहां उन्हें गोली मार दी गई. घटना के बाद आरोपित क्वार्टर बंद कर फरार हो गया.
मुंगेर के जमालपुर से विजय कुमार गुप्ता की रिपोर्ट:
Munger news: जमालपुर थाना क्षेत्र के रामपुर रेलवे कॉलोनी में रेलकर्मी को गोली मारने के मामले में घटना के 36 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस को अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है. न तो नामजद आरोपित की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किया जा सका है. हालांकि घायल रेलकर्मी राहुल कुमार झा की शिकायत पर सोमवार को ही नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी.
जानकारी के अनुसार राहुल कुमार झा रामपुर रेलवे कॉलोनी स्थित रेलवे क्वार्टर संख्या 488 ईएफ में रहते हैं. उनके पड़ोसी साजन यादव का क्वार्टर संख्या 488 एबी है. आरोप है कि सोमवार की देर शाम राहुल कुमार झा को साजन यादव ने अपने क्वार्टर में बुलाया, जहां उन्हें गोली मार दी गई. घटना के बाद आरोपित क्वार्टर बंद कर फरार हो गया.
घटनास्थल से मिले अहम साक्ष्य
घटना के बाद जमालपुर पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल अधिकारियों ने आरोपित के रेलवे क्वार्टर का ताला तोड़कर निरीक्षण किया था. जांच के दौरान वहां से घायल रेलकर्मी की चप्पल और खून से सने कपड़े बरामद किए गए.
बताया गया कि जिस कमरे में गोली चलने की घटना हुई, वहां शराब की बोतलें, खाने-पीने का सामान और खून के धब्बे भी मिले. इसके बाद फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक जांच-पड़ताल कर कई नमूने अपने साथ ले लिए.
शराब पार्टी के एंगल से भी जांच
मुंगेर सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि घायल रेलकर्मी के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.
सूत्रों के अनुसार पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि शराब पार्टी के दौरान नशे की हालत में हथियार से अचानक फायरिंग हुई हो, जिसकी चपेट में आकर रेलकर्मी घायल हुआ. हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
रामपुर रेलवे कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद रामपुर रेलवे कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी के सौ से अधिक रेलवे क्वार्टरों पर अवैध रूप से कब्जा कर लोग रह रहे हैं और यहां कई तरह की अवैध गतिविधियां संचालित होती हैं.
हालांकि आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त हीरा प्रसाद सिंह ने दावा किया कि रेलवे सुरक्षा बल की ओर से प्रतिदिन रेलवे कॉलोनियों में नियमित गश्ती की जाती है. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में पर्याप्त गश्ती नहीं होने के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है.
अवैध कब्जों पर कार्रवाई की जरूरत
जमालपुर थानाध्यक्ष पंकज कुमार पासवान ने बताया कि जमालपुर में होने वाली कई आपराधिक घटनाओं का संबंध कहीं न कहीं रामपुर रेलवे कॉलोनी से जुड़ता है. उन्होंने कहा कि स्मैक कारोबार, अवैध शराब और विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी इस क्षेत्र का नाम सामने आता रहा है.
थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने अवैध रूप से रेलवे क्वार्टरों में रह रहे लोगों की सूची संबंधित रेल अधिकारियों से मांगी थी, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है. इस संबंध में उन्होंने रेल इंजन कारखाना जमालपुर के मुख्य कारखाना प्रबंधक विनय प्रसाद वर्णवाल से भी सहयोग की अपील की है.
गौरतलब है कि रामपुर रेलवे कॉलोनी में करीब 800 रेलवे क्वार्टर हैं, जिनमें बड़ी संख्या में अवैध कब्जे की शिकायतें लंबे समय से उठती रही हैं.
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