कलम बंद हड़ताल पर रहे कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक व कर्मचारी

केवीके परिसर में दिया धरना
मुंगेर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ गुरुवार कृषि विज्ञान केंद्र मुंगेर के सभी वैज्ञानिक व कर्मी एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल पर रहे. इसके साथ ही केवीके परिसर में सभी ने धरना दिया. कलम बंद हड़ताल व धरना नेशनल फोरम ऑफ केवीके व एआइसीआरपी के आह्वान पर किया गया. कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डाॅ मुकेश कुमार ने कहा कृषि विज्ञान केंद्र पूरे देश में वर्ष 1974 से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली, राज्य के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों और कुछ प्रदेश की प्रतिष्ठित स्वयं सेवी संस्थाओं की ओर से संचालित किया जा रहा है. जो किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में निरंतर प्रयासरत है. आज पूरे देश के प्रत्येक जिले में कृषि विज्ञान केंद्र कि स्थापना हो चुकी है. बिहार के पांच बड़े जिलों में 2-2 कृषि विज्ञान केंद्र हैं. लेकिन विडंबना है कि कृषि और किसानों के विकास, किसानों के आय दुगुनी करने की बात तो होती है, लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र आज 50 वर्षों से अधिक समय से अपेक्षित रहते हुए योजना से गैर योजना में परिवर्तित नहीं हो पाया. इसके कारण कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मियों को मासिक भत्ते के अलावा अन्य भत्तों एवं सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है. वहीं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के द्वारा संचालित देश के लगभग 60 कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मियों को भारत सरकार द्वारा देय मासिक वेतन तथा अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है. उन्हें पेंशन, सेवानिवृत्ति,पदोन्नति और चिकित्सा भत्ता आदि का लाभ मिलता है. इसी भेदभाव पूर्ण रवैये को देखते हुए संगठन ने एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल की.
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By Prabhat Khabar News Desk
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