चिंताजनक : सोन व गडंक की पानी ने गंगा के घटते जलस्तर को रोका, बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिलने वाली है निजात

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 29 Sep 2024 11:05 PM

विज्ञापन

बाढ़ पीड़ितों को अभी बाढ़ के पानी से निजात मिलता नहीं दिख रहा है. क्योंकि सोन और गडंक के पानी ने गंगा के घटते जलस्तर को रविवार को रोक दिया. संभावना जतायी जा रही है कि मुंगेर में एक बार फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, मुंगेर. बाढ़ पीड़ितों को अभी बाढ़ के पानी से निजात मिलता नहीं दिख रहा है. क्योंकि सोन और गडंक के पानी ने गंगा के घटते जलस्तर को रविवार को रोक दिया. संभावना जतायी जा रही है कि मुंगेर में एक बार फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है. जो दुबारा बाढ़ की विभीषिका उत्पन्न कर सकती है. इस कारण गांव-घर छोड़ कर इधर-उधर शरण लिये बाढ़ पीड़ितों की चिंता बढ़ गयी है.

38.14 पर स्थिर है गंगा का जल स्तर, बढ़ने की संभावना

नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी, गंडक, सोन के जल स्तर में वृद्धि हो रही है. जिसका असर गंगा पर पड़ने लगा है. पटना में जहां गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है. वहीं मुंगेर में तेजी से घट रही गंगा का जलस्तर अचानक रविवार को स्थिर हो गया. रविवार की सुबह 7 बजे 38.15 मीटर पर गंगा का जलस्तर था. जो सुबह 10 बजे 38.14 मीटर पर पहुंचा. तीन घंटों में मात्र एक सेंटीमीटर की कमी आयी थी, लेकिन उसके बाद गंगा का जलस्तर 38.14 मीटर पर पहुंच कर स्थिर हो गया. शाम छह बजे भी गंगा का जलस्तर स्थिर बना रहा. केंद्रीय जल आयोग की माने तो सोन व गडंक का पानी गंगा में प्रवेश करने के कारण पटना में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. जिसका असर मुंगेर पर पड़ेगा. संभावना जतायी गयी कि सोमवार की सुबह से मुंगेर में गंगा के जलस्तर में भी वृद्धि शुरू हो जायेगी.

बाढ़ पीड़ितों पर दुबारा मंडराने लगा बाढ़ का खतरा

मुंगेर के बाढ़ पीड़ित पिछले 10-15 दिनों से बाढ़ के संकट को झेल रहे है. जबकि पिछले तीन दिनों से बारिश ने उसे बेदम कर दिया है. प्रकृति की दोहरी मार झेल रहे बाढ़ पीड़ितों की परेशानी यहीं थमने वाली नहीं है. क्योंकि उन पर एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. किला परिसर में तंबू तान रह रहे बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि गंगा के जल स्तर में तेजी से गिरावट आयी थी. लगा था कि गांव-घर से पानी निकल गया. अब घर वापसी होगी, लेकिन उसके बाद बारिश की मार हमलोगों पर पड़ी. इस कारण हमलोग घर वापसी नहीं कर सके. अब तो गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने वाला है. इसलिए दुर्गापूजा में भी घर वापसी संभव होता प्रतीत नहीं दिख रहा है.

राहत शिविर के भोजन पर आश्रित है बाढ़ पीड़ित

मुंगेर.

बाढ़ के कारण जिले में दो लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है. दियारा क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग गांव-घर छोड़ कर मुंगेर शहरी क्षेत्र, सड़क किनारे, रेलवे पटरी किनारे शरण लिये हुए है. बड़ी संख्या में लोग खगड़िया, लखीसराय व बेगूसराय जिला के राहत शिविर में है. जबकि हजारों लोगों ने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रखा है. मुंगेर जिला प्रशासन की ओर से लखीसराय के अमरपुर विद्यालय, मुंगेर शहर के जिला स्कूल, आदर्श मध्य विद्यालय नौवागढ़ी, उच्च विद्यालय नौवागढ़ी में बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचन संचालित कर रहा है. जहां पर बाढ़ पीड़ितों को दो टाइम का पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन