गौशाला : भूख व बीमारी से मर रही गाय, जिम्मेदार बने हैं लापरवाह
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 11 Nov 2024 6:47 PM
विज्ञापन
गौ वंश संरक्षण के क्षेत्र में सुर्खियों में रहा. लेकिन इसका वर्तमान काफी बदहाल है
विज्ञापन
– गौशाला के पास करोड़ों की संपत्ति, लाखों की हो रही आमदनी, फिर भी भूख व बीमारी से मर रही गायें
मुंगेर मुंगेर गौशाला में सोमवार को एक गौ वंश की मौत हो गयी. जिसने गोशाला की वर्तमान व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है. भूख और बीमारी से गौ वंश की यह कोई पहली मौत नहीं है. इससे पहले भी दर्जनों गाय की मौत हो चुकी है. बावजूद जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही. गोशाला के पास करोड़ों की संपत्ति है और लाखों की आमदनी है. लेकिन उस राशि का उपयोग गौ वंश की सुरक्षा और संरक्षा पर नहीं हो पा रहा है.करोड़ों की संपत्ति, लाखों की आमदनी, फिर भी मर रही गाय
मुंगेर के पूरबसराय में में आठ दशक पूर्व गौशाला की स्थापना की गयी थी. इसका इतिहास काफी समृद्ध रहा है और यह गौ वंश संरक्षण के क्षेत्र में सुर्खियों में रहा. लेकिन इसका वर्तमान काफी बदहाल है. जिससे इसका अस्तित्व खत्म हो रहा. ऐसा नहीं है कि गौशाला के पास संपत्ति की कमी है. जानकारों की माने तो रेलवे गुमटी नंबर-5 स्थित संत कबीर चौक एवं बांक मुख्य पथ के दक्षिण 2 एकड़ से अधिक की उपजाऊ जमीन है. इतना ही नहीं लक्ष्मीपुर मुंगेर वन क्षेत्र में 300 एकड़ जमीन है. पूरबसराय स्थित गौशाला पांच एकड़ में फैला हुआ है. आधी जमीन पर आज आलीशान डीएवी पब्लिक स्कूल का भवन बना हुआ है. जबकि गोशाला के मुख्य गेट के पास दुकानें भाड़े पर लेकर लोग संचालित कर रहे हैं.जिम्मेदारी नहीं निभा पाया तदर्थ समिति
जुलाई 2023 मेंं तत्कालीन पदेन अध्यक्ष सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार शहर के समाजसेवियों एवं बुद्धिजीवियों की बैठक बुलाई थी. जिसमें 12 सदस्यीय तदर्थ समिति के नाम का प्रस्ताव बुद्धिजीवियों द्वारा दिया गया, जिस पर सर्वसम्मति बनीं. गौशाला की नई तदर्थ समिति में पदेन अध्यक्ष एसडीओ, पदेन सदस्य जिला पशुपालन पदाधिकारी होते हैं. जबकि प्रभू दयाल सागर को सचिव, सौरभ निधि उपाध्यक्ष, प्रीतम सिंह सह सचिव, कृष्णा अग्रवाल कोषाध्यक्ष को बनाया गया. सदस्य के रूप शहर के कई बडे व्यवसायी, नेता व दिग्ग्जों को शामिल किया गया. लेकिन हालात यह रहा कि चुनाव कराना तो दूर तदर्थ समिति एक बैठक तक नहीं कर सकी.पशु चारा तो दूर, नहीं मिल रहा मानदेय
गौशाला के केयर टेकर मोती सिंह ने बताया कि उसे यहां मुंशी बना कर रखा गया है. यहां छोटा व बड़ा छह गो वंश है. पशु चारा के अभाव में पशुओं को भर पेट भोजन नहीं मिलता है. भर पेट खाना नहीं मिलने से पशु बीमार हो जाते हैं. एक माह पहले भी एक पशु की मौत हुई थी. आज भी एक पशु की मौत हो गयी. उसने कहा कि पशु चारा तो दूर, हम इंसान है हमरा भी परिवार है, लेकिन हमको भी वेतन नहीं मिल रहा है. यहां भवन, चारदिवारी और खटाल पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है.प्रयास किया, नहीं हुआ सफल तो दे दिया इस्तीफा : सचिव
तदर्थ समिति के सचिव प्रभुदयाल सागर ने बताया कि यह गोशाला पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में है. जिसके पदेन अध्यक्ष सदर एसडीओ हैं. यहां एडहॉक कमिटि बनी, जिसमें मुझे सचिव बनाया गया. मैंने प्रयास किया, उधार लेकर पशुओं के लिए चारा की व्यस्था की. लेकिन मेरा हर प्रयास विफल साबित हुआ. मिटिंग बुलाते थे तो सदस्य तक नहीं आते थे. जिसके बाद मैंने इस्तीफा अध्यक्ष को लिखित में दे दिया. सात-आठ महीने से हम गोशाला गये तक नहीं है.कहते हैं पदेन अध्यक्ष
पदेन अध्यक्ष सदर एसडीओ शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पशु चारा की व्यवस्था कर दी गयी है. रही बात आमदनी की तो एक मामला न्यायालय में लंबित है. जिसके कारण उस राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है. चारदिवारी निर्माण की प्रक्रिया चल रही है. स्थाई समिति का चुनाव भी कराने की प्रक्रिया हो रही है. शीघ्र ही चुनाव हो जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










