धोबीटोला में भी हुई छापेमारी

मुंगेर : हथियार निर्माण व तस्करी के लिए मुंगेर पूरे देश में चर्चित है. देश के किसी भी भाग में हथियार जब्त की जाती है, तो तस्कर मुंगेर का ही होता है. मेड इन मुंगेर हथियार देश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच रहा है. देश के बाहर नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान तक तस्करों की पहुंच है. […]
मुंगेर : हथियार निर्माण व तस्करी के लिए मुंगेर पूरे देश में चर्चित है. देश के किसी भी भाग में हथियार जब्त की जाती है, तो तस्कर मुंगेर का ही होता है. मेड इन मुंगेर हथियार देश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच रहा है. देश के बाहर नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान तक तस्करों की पहुंच है. एक आंकड़ों के मुताबिक 2012 में दिल्ली पुलिस ने मुंगेर में बने 130 पिस्तौल बरामद किये थे, जबकि साल 2013 में 50 से 60 हथियार बरामद किये गये. माना जाता है कि दिल्ली व देश के अन्य भागों में जितने भी अवैध हथियारों की बरामदगी हो रही है, उनमें 95 फीसदी से अधिक हथियार मुंगेर के बने हुए ही हैं.
साल 2013 के जनवरी और फरवरी के बीच जम्मू कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि मुंगेर निर्मित हथियार आंतकी संगठनों के पास पहुंच रहे हैं. एनआइए की टीम इन हथियारों के तार मुंगेर से जोड़ते हुए यहां पहुंची थी. उक्त टीम को कश्मीर निवासी साथाब नामक उस युवक की तलाश थी, जो पूर्व बिहार में अपने संगठन के विस्तार के साथ-साथ मुंगेर निर्मित हथियार की आपूर्ति अपने संगठन के लिए करता था. वर्ष 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका बेकरी कांड में भी मुंगेर निर्मित हथियार मिला था. इससे यह भी साबित होता है कि मुंगेर का हथियार दूसरे देश के आतंकवादियों के पास भी पहुंचाया जा रहा है.
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