अपराधियों के भय से छोड़ा घर-द्वार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 May 2016 4:39 AM

विज्ञापन

मुंगेर : जमालपुर के केशोपुर नक्कीनगर में राजकमल उर्फ राजू मंडल का हंसता-खेलता छोटा सा परिवार था. राजकमल खुद मोबाइल का कारोबार करता था. पत्नी स्वास्थ्य विभाग में नर्स है. दो बेटे बड़ा आकाश राजकमल और छोटा आदित्य राजकमल को लेकर मां-बांप ने बड़े-बड़े सपने संजोये थे. लेकिन नौ अप्रैल 2012 की घटना ने पूरे […]

विज्ञापन

मुंगेर : जमालपुर के केशोपुर नक्कीनगर में राजकमल उर्फ राजू मंडल का हंसता-खेलता छोटा सा परिवार था. राजकमल खुद मोबाइल का कारोबार करता था. पत्नी स्वास्थ्य विभाग में नर्स है. दो बेटे बड़ा आकाश राजकमल और छोटा आदित्य राजकमल को लेकर मां-बांप ने बड़े-बड़े सपने संजोये थे. लेकिन नौ अप्रैल 2012 की घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया.

छोटा बेटा आदित्य राजकमल के अपहरण व हत्या के बाद जो परिस्थिति पैदा हुई उसने राजू मंडल को अपने घर-द्वार को छोड़ने पर मजबूर कर दिया. राजकमल उर्फ राजू मंडल बताता है कि घटना के बाद पुलिस ने मनीष उर्फ नेपाली को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. लेकिन अमित झा व मनोज कुमार बाहर ही रह गया.

कुछ दिनों के लिए पुलिस प्रशासन ने उसे सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड भी दिया था. लेकिन वह कमाने-खाने वाला व्यक्ति बॉडीगार्ड को कितने दिनों तक अपने साथ रख सकता था. अंतत: उसने पूरे परिवार के साथ घर छोड़ने का फैसला लिया और जमालपुर छोड़ कर चला गया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन