कछुआ गति से हो रहा गंगा पुल एप्रोच पथ का भूमि अधिग्रहण
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था पुल का शिलान्यास मुंगेर : गंगा रेल सह सड़क पुल का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और शीघ्र ही इस पुल के माध्यम से रेल सेवा प्रारंभ होगी. इसके लिए पुल पर दो माह पूर्व ट्रायल इंजन भी दौड़ायी गयी. लेकिन सड़क […]
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वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था पुल का शिलान्यास
मुंगेर : गंगा रेल सह सड़क पुल का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और शीघ्र ही इस पुल के माध्यम से रेल सेवा प्रारंभ होगी. इसके लिए पुल पर दो माह पूर्व ट्रायल इंजन भी दौड़ायी गयी. लेकिन सड़क मार्ग से गंगा पार करने के लिए अभी काफी इंतजार करना होगा. क्योंकि इस पुल के एप्रोच पथ के लिए भूम अधिग्रहण का कार्य मंथर गति से चल रहा. हाल यह है कि 14 वर्षों में एप्रोच पथ के लिए भूमि का अधिग्रहण नहीं हो पाया. अलबत्ता दो वर्ष पूर्व इस एप्रोच पथ को भारत सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथ घोषित कर दिया और अब नये सिरे से भूमि अधिग्रहण का कार्य चल रहा है.
48 हेक्टेयर भूमि का
होना है अधिग्रहण
गंगा पुल को एनएच 80 से जोड़ने के लिए मुंगेर क्षेत्र में 48 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. पुल के एप्रोच पथ का एनएच मुंगेर क्षेत्र में जहां राष्ट्रीय उच्च पथ 80 से जुड़ेगा. वहीं बेगूसराय क्षेत्र में राष्ट्रीय उच्च पथ 31 से जुड़ेगा. यह पथ मुंगेर नगर निगम के दस वार्डों एवं 34 मौजा के गांवों से गुजरेगी.
8 फेज में होना है अधिग्रहण का काम
बताया जाता है कि एनएच एक्ट 1956 के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है. 8 फेज में अधिग्रहण की कार्रवाई होनी है. जिसमें मात्र थ्री सी के तक ही कार्रवाई पूरी हो सकी है. थ्री ए के तहत एनएचआइ द्वारा अधिसूचना अक्तूबर माह में प्रकाशित की गयी. जबकि थ्री बी के तहत अधिसूचना प्रकाशित के 21 दिनों के अंदर जमीन से संबंधित मालिकाना हक को लेकर आपत्ति का आवेदन कार्य पूरा हुआ. जिसमें 18 आवेदन प्राप्त किया गया.
जबकि थ्री सी के तहत उसका निष्पादन कार्य किया गया. जिसमें 16 आवेदनों को प्रस्तुत दस्तावेज के सही नहीं होने के कारण उसे अस्वीकृत कर दिया गया. जबकि 2 आवेदन सही पाये गये. जिसका निष्पादन किया जाना है. अब थ्री डी का कार्य किया जा रहा है. इसी तरह यह कार्य थ्री जी तक कार्य होता है जो मुआवजे की राशि को तय कर उचित व्यक्ति को उपलब्ध कराया जायेगा.
अब तक चल रहा है
सर्वे का कार्य
थ्री डी अधिघोषणा पूर्व जमीन की पहचान का कार्य किया जा रहा है. इसके तहत पहले एनएचआइ के अमीन द्वारा जांच कर रिपोर्ट सौंपा गया. उसके बाद जिला प्रशासन के अमीन द्वारा जमीन की जांच व नापी करायी जा रही है. इन अमीनों द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध कराया जायेगा तो पुन: एनएचआइ एवं जिला भू अर्जन विभाग के अधिकारी जमीन का सत्यापन करेंगे. जिसके बाद एनएचआइ द्वारा अधिघोषणा अखबारों में प्रकाशित की जायेगी.
34 में 18 मौजा का
सर्वे कार्य संपन्न
जिले के 34 मौजा में भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे का कार्य किया जा रहा है. अब तक जानकीनगर, बनौधा, गुलालपुर, बांक, ताजपुर, दयानंद नगर, लक्ष्मणपुर, मय, नंदलालपुर, चकमान सिंह, मीणा चक, शीतलपुर, अमरपुर, जामाकिता, दुर्गापुर, नगर क्षेत्र के चादर नंबर 15,10, 11 का सर्वे कार्य संपन्न हो चुका है. जबकि नगर के चादर नंबर 16 में सर्वे का कार्य चल रहा है.
12 वर्ष बाद एप्रोच
पथ बना एनएच
पूर्व बिहार के विकास से जुड़ा गंगा रेल सह सड़क पुल पूरी तरह राजनीतिक का शिकार होकर रह गया है. 26 दिसंबर 2002 को जिस पुल का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था. उस पुल के एप्रोच पथ को वर्ष 2014 में राष्ट्रीय उच्च पथ घोषित किया गया. अर्थात 12 वर्ष बाद एप्रोच पथ को एनएच का दर्जा मिला. पुल निर्माण के लिए रेल मंत्रालय से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं बिहार के राजनीतिज्ञ की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल पैदा हो रहा है.
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