एसएनसीयू वार्ड में भर्ती होने वाले 7.6 प्रतिशत नवजातों की हो रही मौत

Updated at : 07 Apr 2026 7:37 PM (IST)
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एसएनसीयू वार्ड में भर्ती होने वाले 7.6 प्रतिशत नवजातों की हो रही मौत

सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिये करोड़ों रुपये खर्च कर रही है

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अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती हुए 1,144 नवजात, 87 की मौत

मुंगेर. सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिये करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जिले में केवल सदर अस्पताल के एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) वार्ड में 7.6 प्रतिशत शिशु मृत्यु दर का आंकड़ा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. इसके आंकड़ों में देखें तो जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल में संचालित एसएनसीयू वार्ड में वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 1,144 नवजातों को भर्ती किया गया. इसमें 87 नवजातों की मौत इलाज के दौरान हो चुकी है.

एक वित्तीय वर्ष में 87 नवजातों की हो गयी मौत

जन्म के समय कई प्रकार की बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिये पूरे जिले में मात्र सदर अस्पताल में ही 20 वॉर्मर बेड वाला एसएनसीयू वार्ड संचालित किया जाता है. जहां जन्म के बाद किसी प्रकार की बीमारी जैसे वजन कम होना, जन्म के बाद न रोना, हांफना या सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ, शरीर में संक्रमण, जन्म के तुरंत बाद या बहुत अधिक पीलिया होना, बच्चा दूध न पी पा रहा हो या उसे झटके आ रहे हों. ऐसे नवजातों को भर्ती किया जाता है. अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच यहां भर्ती हुए नवजातों का आंकड़ा देखें तो इस दौरान कुल 1,144 नवजातों को भर्ती किया गया, जबकि इलाज के दौरान इनमें से 87 नवजातों की मौत इलाज के दौरान हो गयी.

प्रत्येक माह औसतन 7 नवजातों की हो चुकी है मौत

सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में नवजातों की मौत का आंकड़ा न केवल अचंभित करने वाला है, बल्कि जिले में नवजातों की मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बड़ा सवाल है. एसएनसीयू के एक वित्तीय वर्ष के आंकड़ें को देखें तो प्रत्येक माह औसतन जहां 95 नवजातों को भर्ती किया जाता है. वहीं इनमें से प्रत्येक माह औसतन 7 नवजातों की मौत हो गयी है. यह हाल तब है, जब एसएनसीयू वार्ड अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होने के साथ यहां चिकित्सक और स्टॉफ भी पर्याप्त हैं.

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मात्र पांच माह में 1.6 प्रतिशत बढ़ गया शिशु मृत्यु दर

सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में जहां पूरे वित्तीय वर्ष में शिशु मृत्यु दर का आंकड़ा चौंकाने वाला है. वहीं इससे भी अधिक चौकाने वाला आंकड़ा यह है कि पूरे वित्तीय वर्ष में मात्र पांच माह में ही यहां शिशु मृत्यु दर 1.6 प्रतिशत बढ़ गया है. बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल से अक्तूबर के बीच 6 माह में शिशु मृत्यु दर 6 प्रतिशत ही था, जबकि अक्तूबर के बाद मार्च 2026 तक यह आंकड़ा 1.6 प्रतिशत बढ़कर 7.6 प्रतिशत हो गया है.

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कहते हैं सिविल सर्जन

एसएनसीयू वार्ड में पर्याप्त चिकित्सक और कर्मी हैं. साथ ही यहां नवजातों को समुचित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है. हालांकि, कुछ कारणों में गर्भावस्था के दौरान माताओं द्वारा बरती गयी लापरवाही से नवजातों में गंभीर बीमारी होती है. इससे नवजातों की मौत हो जाती है. हालांकि, इसके लिये भी लगातार समीक्षा की जा रही है.

डॉ राजू, सिविल सर्जन

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पूरे वित्तीय वर्ष में एसएनसीयू का आंकड़ा

माह कुल भर्ती मौत

अप्रैल 78 5

मई 74 4

जून 96 8

जुलाई 99 6

अगस्त 116 8

सितंबर 118 15

अक्तूबर 90 8

नवंबर 83 4

दिसंबर 104 10

जनवरी 96 5

फरवरी 77 7

मार्च 108 7

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AMIT JHA

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