सदर अस्पताल : एंटी रैबीज सूई रहने के बाद भी रोगियों के लिए उपलब्ध नहीं

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सदर अस्पताल : एंटी रैबीज सूई रहने के बाद भी रोगियों के लिए उपलब्ध नहीं सिविल सर्जन ने एंटी रैबीज सूई वितरण पर लगायी रोक फोटो संख्या : 10 फोटो कैप्सन : सिविल सर्जन के आदेश की प्रति प्रतिनिधि , मुंगेर स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही चरम पर है. हजारों की संख्या में एंटी रैबीज की […]

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सदर अस्पताल : एंटी रैबीज सूई रहने के बाद भी रोगियों के लिए उपलब्ध नहीं सिविल सर्जन ने एंटी रैबीज सूई वितरण पर लगायी रोक फोटो संख्या : 10 फोटो कैप्सन : सिविल सर्जन के आदेश की प्रति प्रतिनिधि , मुंगेर स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही चरम पर है. हजारों की संख्या में एंटी रैबीज की सूई अस्पताल में पड़ी हुई है. लेकिन मरीजों के लिए सूई की आपूर्ति को रोक दी गयी है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एंटी रैबीज की सूई के सेंपल को जांच के लिए पटना लेबोट्री भेजा गया है. आखिर अस्पताल में इससे पूर्व कैसे एंटी रैबीज की सूई रोगियों को दी जा रही थी ? सीएस ने लगाया सूई वितरण पर रोक सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने 19 नवंबर को एक पत्र निर्गत कर एंटी रैबीज की सूई के वितरण पर रोक लगा दी है. उन्होंने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, अनुमंडल अस्पताल तारापुर एवं जिले के सभी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि एंटी रैबीज के सूई वितरण पर रोक लगा दें तथा वर्तमान में एंटी रैबीज की जो शेष फाइल बची हुई है उसे केंद्रीय दवा भंडार भी सिविल सर्जन कार्यालय को वापस कर दें. 5 हजार सूई पड़ी है सदर अस्पताल में सदर अस्पताल में कुछ माह पूर्व एंटी रैबीज की सूई के लिए खूब बवाल हुआ था. जिसके कारण जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ जवाहर प्रसाद सिंह ने कंपनी से डायरेक्ट 12 हजार एंटी रैबीज की सूई मंगायी थी. कहा जाता है कि बाजार में इस सूई की कीमत 150 से 170 रुपये में आती है. जबकि कंपनी से 114 रुपये में सूई की आपूर्ति की गयी थी. 12 हजार सूई में 6 हजार सूई सदर अस्पताल को आपूर्ति की गयी. जबकि अनुमंडल अस्पताल एवं सभी पीएचसी में भी सूई की आपूर्ति की गयी. जिसमें लगभग एक हजार सूई जरूरतमंद रोगियों के बीच बांटे गये और वर्तमान में सदर अस्पताल में अब भी 5 हजार सूई पड़ी हुई है. आखिर अब क्यों पड़ी जांच की जरूरत कहा जाता है कि अस्पताल में आपसी तालमेल का घोर अभाव है. मरीजों को सदर अस्पताल से लेकर पीएचसी तक में इतने दिनों तक एंटी रैबीज की सूई दी जाती रही. अब ऐसी कौन सी समस्या उत्पन्न हो गयी है जिसके कारण सूई की जांच की आवश्यकता आन पड़ी है. इस मुद्दे पर लगातार अस्पताल में चर्चा हो रही है. कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक अस्पताल उपाधीक्षक डॉ आर के सिन्हा ने कहा कि सदर अस्पताल में एंटी रैबीज सूई की कोई कमी नहीं है. अभी भी लगभग 5000 सूई भंडार में पड़ा हुआ है. लेकिन सिविल सर्जन के आदेश के बाद एआरवी के वितरण पर रोक लगा दिया गया है. कहते हैं सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने कहा कि एंटी रैबीज सूई की गुणवत्ता को लेकर प्रश्न उठ रहे थे. इसलिए सूई के सेंपल को गुणवत्ता जांच के लिए पटना भेजा गया है. जांच होकर आने के बाद ही एंटी रैबीज की सूई मरीजों को उपलब्ध करायी जायेगी.

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