उद्घाटन के सात माह बाद भी बंद है आइसीयू
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मुंगेर : मुंगेर जिलावासियों को अबतक गहन चिकित्सा कक्ष (आइसीयू) की सेवा उपलब्ध नहीं हो पायी है. काफी दबाव के बाद फरवरी माह में सदर अस्पताल परिसर में आइसीयू व एसएनसीयू का उद्घाटन तो कर दिया गया. लेकिन आजतक यह चालू नहीं हो पाया है. मुंगेर के गंभीर रोगियों को आइसीयू की जरूरत होने पर […]
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मुंगेर : मुंगेर जिलावासियों को अबतक गहन चिकित्सा कक्ष (आइसीयू) की सेवा उपलब्ध नहीं हो पायी है. काफी दबाव के बाद फरवरी माह में सदर अस्पताल परिसर में आइसीयू व एसएनसीयू का उद्घाटन तो कर दिया गया.
लेकिन आजतक यह चालू नहीं हो पाया है. मुंगेर के गंभीर रोगियों को आइसीयू की जरूरत होने पर या तो भागलपुर या पटना रेफर कर दिया जाता है.
गंभीर बीमारियों का होना है इलाज. आइसीयू सेवा आरंभ हो जाने से हृदय रोग, कोमा सहित अन्य गंभीर रोग से ग्रसित रोगियों का इलाज यहां होना था.
साथ ही वैसे नवजात शिशु जिन्हें थरमिया या अन्य गंभीर बीमारी होती है तो उसे जन्म के बाद एसएनसीयू में रख कर एक खास तापमान देकर गर्मी प्रदान की जाती है. साथ ही जौंडिंस के शिकार नवजात का भी इलाज यहीं पर किया जा सकता है. लेकिन मुंगेर में रोगियों को यह सुविधा सरकारी स्तर पर उपलब्ध नहीं हो पा रही.
डॉक्टर व नर्स का बना है रोस्टर . आइसीयू सेवा के लिए डॉ फैजउद्दीन, डॉ रामप्रीत, डॉ रामप्रवेश, डॉ रमण कुमार, डॉ राजीव एवं डॉ वाइके दिवाकर को प्रतिनियुक्त किया गया था. साथ ही 13 स्टाफ नर्स का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया था. जिसमें आइसीयू सेवा देखने वाले चिकित्सक व स्टाफ नर्स ही एसएनसीयू सेवा को देखेने की बात बताया गयी थी. किंतु आजतक यह रोस्टर फाइलों के भीतर ही दम तोड़ रही है.
दोनों में से एक भी सुविधा आजतक जिले वासियों को नसीब नहीं हो पाया है.
कहते हैं सिविल सर्जन. सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने बताया कि आइसीयू व एसएनसीयू सेवा आरंभ करने के लिए संसाधनों की कमी है. उसकी खरीदारी की जा रही है. साथ ही ड्यूटी के लिए चिकित्सक व नर्सों का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जा रहा है. लगभग एक माह में दोनों ही सेवा आरंभ कर दी जायेगी.
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