मुंगेर में दोस्त को बचाने के लिए खुद गंगा में कूद पड़ा पीयूष, 9वीं के छात्र की बहादुरी और बलिदान ने नम कर दीं आंखें

Edited by AMIT KR SINHA
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गंगा तट पर उदास परिजन व ग्रामीण.

Piyush Sacrifice Story: गंगा में डूब रहे एक बच्चे को बचाने के लिए 9वीं का छात्र पीयूष बिना अपनी परवाह किये पानी में कूद पड़ा. उसने दोस्त की जान बचा ली, लेकिन खुद गहरे पानी में समा गया.

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मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट

Piyush Sacrifice Story: मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित आदर्श ग्राम टीकारामपुर में बुधवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया. नौवीं कक्षा के छात्र पीयूष कुमार पटेल ने गंगा में डूब रहे एक बच्चे की जान बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी. उसने साथी बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन खुद गहरे पानी में डूब गया. घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई पीयूष की बहादुरी और त्याग को याद कर रहा है.

मुख्य बातें

गंगा स्नान के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार सुबह करीब आठ बजे गांव के कुछ बच्चे गंगा घाट पर स्नान करने गए थे. इसी दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. बच्चे को संकट में देखकर पीयूष कुमार पटेल बिना देर किए उसे बचाने के लिए पानी में उतर गया.

पीयूष ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए डूब रहे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वह स्वयं पानी में समा गया.

Piyush Sacrifice Story: परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक पीयूष कुमार पटेल नंदकुमार उच्च विद्यालय, वासुदेवपुर में कक्षा नौ का छात्र था. वह अपने पीछे दो बड़ी बहनों और छोटे भाई अविनाश कुमार पटेल को छोड़ गया है. उसके पिता सुबोध कुमार सिंह मुंगेर व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता हैं.

घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. मां के करुण विलाप से गंगा घाट का माहौल गमगीन हो गया. वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं.

घाट पर जुटी भीड़, चला खोज अभियान

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण गंगा घाट पहुंच गए. सूचना पर पुलिस और गोताखोरों की टीम भी मौके पर पहुंची और गंगा में खोज अभियान शुरू किया गया.

ग्रामीणों ने बताया कि पीयूष हमेशा मदद के लिए आगे रहने वाला छात्र था. उसकी बहादुरी और निस्वार्थ त्याग की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है.

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पूरे इलाके में हो रही पीयूष की बहादुरी की चर्चा

एक मासूम की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगाने वाले पीयूष ने अपने साहस से मानवता और दोस्ती की मिसाल पेश की है. उसकी यह बहादुरी हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी.

टीकारामपुर गांव में बुधवार का दिन शोक और गर्व दोनों की भावनाओं के साथ बीता. एक ओर परिवार ने अपना बेटा खो दिया, वहीं दूसरी ओर पूरे क्षेत्र को पीयूष के रूप में एक ऐसा नायक मिला, जिसने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया.

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