मुंगेर : जिला परिषद के सभागार में सोमवार को परिवार कल्याण एवं स्वच्छता समिति की बैठक हुई. उसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष जिप सदस्य विनोद कुमार सिंह ने की.
जबकि जिप अध्यक्ष रामचरित्र मंडल एवं उपाध्यक्ष दुर्गेश सिंह मुख्य रूप से मौजूद थे. बैठक में सदर अस्पताल, पीएचसी में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार-विमर्श किया गया. समिति के अध्यक्ष ने टेटियाबंबर के बनगामा पंचायत स्थित तुलसीपुर में एचएससी निर्माण का मामला उठाया. जबकि डेंगू से बचाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग कराने का मुद्दा उठाया गया.
जबकि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ओपीडी सेवा एवं प्रसव सुविधा शुरू करने का मामला उठाया गया. जबकि सदर अस्पताल में विशेष चिकित्सकों की कमियों पर चर्चा हुई. जिसमें सर्जन, गायनोलॉजिस्ट एवं न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सकों की तैनाती के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया. सदस्यों ने आयुष्मान योजना के तहत जिले के एक भी निजी नर्सिंग होम के रजिस्टर्ड नहीं होने पर आपत्ति जताया.
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ निरंजन कुमार ने कहा कि जिले का एक भी नर्सिंग होम आयुष्मान भारत योजना के मापदंड पर खड़ा नहीं उतरता है. जिसके कारण यह समस्या बनी हुई है. जिस पर सदस्यों ने कहा कि अगर निजी नर्सिंग होम में इलाज नहीं होगा तो इस योजना का क्या लाभ है. सदस्य विभांशु निराला ने कहा कि सदर प्रखंड के 13 पंचायत में मात्र 4 पंचायत में ही स्वास्थ्य समिति का बैंक खाता खुल पाया है.
बैठक में आंगनबाड़ी की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा सदस्यों ने उठाया. केंद्र पर शौचालय व पेयजल की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया. नियमित रूप से बच्चों का स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण को लेकर भी चर्चा हुई. सदस्यों ने कहा कि बैठक में लिये गये प्रस्ताव का क्रियान्वयन हो. इसका विशेष ध्यान रखा जाये.
अगर प्रस्तावित कार्यक्रम पर काम नहीं हुआ तो समिति कार्रवाई करेंगी. बैठक में आइसीडीएस पदाधिकारी रेखा कुमारी, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता अजीत कुमार, निदेशक डीआरडीए राजेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
