अब घटने लगा गंगा का जल-स्तर, पर कम नहीं हो रही बाढ़ पीड़ितों की परेशानी
Updated at : 04 Oct 2019 8:43 AM (IST)
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मुंगेर : लगभग 48 घंटे तक गंगा का जल-स्तर स्थिर रहने के बाद गुरुवार से घटने लगा है. फिलहाल गंगा का जल-स्तर प्रति चार घंटे में एक सेंटीमीटर के रफ्तार से घट रहा है. हालांकि यह रफ्तार काफी धीमा है. इस रफ्तार से गंगा के जल-स्तर को खतरा निशान से नीचे आने में लगभग तीन […]
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मुंगेर : लगभग 48 घंटे तक गंगा का जल-स्तर स्थिर रहने के बाद गुरुवार से घटने लगा है. फिलहाल गंगा का जल-स्तर प्रति चार घंटे में एक सेंटीमीटर के रफ्तार से घट रहा है. हालांकि यह रफ्तार काफी धीमा है. इस रफ्तार से गंगा के जल-स्तर को खतरा निशान से नीचे आने में लगभग तीन से चार दिनों का समय लग सकता है.
इधर केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार तीन-चार दिनों के बाद से यहां गंगा के जल-स्तर में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना जतायी गयी है. ऐसे में बाढ़ पीड़ित परिवारों को कम से कम दुर्गापूजा के त्योहार तक राहत शिविरों में ही समय गुजारना पड़ सकता है.
खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर बह रही गंगा: दो दिनों तक गंगा का जल-स्तर स्थिर रहने के बाद गुरुवार से अब धीरे-धीरे घटने लगा है और दोपहर 3 बजे तक जल-स्तर घटकर 39.55 मीटर पर पहुंच चुका था. बावजूद गंगा खतरा निशान से 22 सेंटीमीटर उपर बह रही है.
वैसे इलाहाबाद में गंगा के जल-स्तर में पुन: उफान आ गया है. वहां प्रतिघंटा तीन सेंटीमीटर के रफ्तार से गंगा बढ़ रही है. जिसके कारण यहां फिर से जल-स्तर में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गयी है. संभवता तीसरे या चौथे दिन तक यहां के जल-स्तर में फिर से बढ़ोतरी होने लगेगी.
जान जोखिम में डाल कर करना पड़ रहा आवश्यक काम: पिछले एक पखवाड़े से बाढ़ पीड़ित परिवार गंगा के उफान के बीच जिंदगी की जद्दोजहद से जूझ रहे हैं. हाल यह है कि पीड़ित परिवार बंजारों से भी बदतर जिंदगी जीने को विवश हैं.
लोग उफनाई गंगा के बीच जान जोखिम में डाल कर अपने आवश्यक कार्यों को निपटाने में लगे हुए हैं. जो लोग राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं, वे तो कम से कम जोखिम की स्थिति में नहीं हैं. किंतु जो लोग अब भी बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं, उन्हें काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. लोग अपने जान को जोखिम में डालते हुए गाय व भैंस का दूध निकाल कर बाढ़ के पानी में तैर कर बाजार पहुंच रहे हैं.
खासकर दियारा तथा गंगा के तटीय क्षेत्रों में फंसे लोग पिछले एक पखवाड़े से घर में चौकी पर चौकी रखकर उसी पर किसी तरह से भोजन पका रहे हैं तथा उसी पर चौकी पर बैठ कर खाना भी खा रहे हैं. सबसे अधिक परेशानी शौच जाने तथा पेयजल की हो रही है. कल्पना किया जा सकता है कि लोग गर्दन भर पानी में कैसे शौच करते होंगे और पेयजल का पानी कहां से प्राप्त करते होंगे.
साफ-सफाई के साथ किया गया ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव: जिले भर में चल रहे राहत शिविरों में पीड़ित परिवारों के स्वास्थ्य को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ी हिदायत दे रखी है.
जिसके कारण राहत शिविरों में साफ-सफाई के साथ-साथ ब्लीचिंग पाउडर का भी छिड़काव किया जा रहा है. इसके अलावे सभी राहत शिविरों में लगाये गये स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंदों का स्वास्थ्य जांच कर दवा भी उपलब्ध कराया जा रहा है. गुरुवार को नौवागढ़ी स्थित उच्च विद्यालय तथा मध्य विद्यालय में सफाई कर जगह-जगह ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करवाया गया.
गंगा का जल-स्तर
स्थान जलस्तर
मुंगेर 39.55 मीटर
भागलपुर 34.38 मीटर
कहलगांव 32.36 मीटर
सहेबगंज 28.57 मीटर
फरक्का 24.32 मीटर
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