सावन आज से शुरू, अगुवानी घाट में प्रशासनिक व्यवस्था अब भी नदारद
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jul 2019 7:51 AM
विज्ञापन
परबत्ता : सावन आज से शुरू हो गया है. विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर अगुवानी गंगा घाट पर प्रशासनिक व्यवस्था नदारद है. खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर सुविधाओं की बात करें तो नाव फेरी सेवा के सहारे जान हथेली पर रखकर लोग यात्रा करने को मजबूर हैं. जबकि […]
विज्ञापन
परबत्ता : सावन आज से शुरू हो गया है. विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर अगुवानी गंगा घाट पर प्रशासनिक व्यवस्था नदारद है. खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर सुविधाओं की बात करें तो नाव फेरी सेवा के सहारे जान हथेली पर रखकर लोग यात्रा करने को मजबूर हैं.
जबकि इस रूट से हजारों की संख्या में यात्रियों का आना जाना होता है. सावन के महीने में तो दूर दूर से कांवरिया इस रूट से आते जाते हैं. ऐसे में इस बार भोले के भक्तों को कई कठिनाइयों से गुजरना होगा. सावन की पहली सोमवारी 22 जुलाई को होगी.
बावजूद दर्जनों कांवरिया बाबा नगरी को निकल पड़े हैं. सावन महीना शुरू होते ही सैकड़ों की संख्या में कांवरिया अगुवानी घाट से होकर सुल्तानगंज जाने के लिए जलमार्ग का सहारा लेते हैं. लेकिन इन कांवरियों की सुविधा को लेकर कोई मुकम्मल व्यवस्था धरातल पर नजर नहीं आ रही हैं. ऐसे में अबकी बार इस ओर से गुजरने वाले कांवरियों के लिए बाबा नगरी की राह आसान नहीं होगी.
नाव फेरी सेवा बदहाल : गंगा में बढ़ रहे जलस्तर का नाव फेरी सेवा पर भी असर देखा जा रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक स्थायी रूप से घाट नहीं बनाये जाने के चलते यात्री जैसे तैसे यात्रा करने को मजबूर हैं. सावन के महीने में यहां आनेवाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है.
इसको लेकर अगुवानी घाट पर अस्थायी यात्री शेड सहित अन्य सुविधाओं को लेकर उचित व्यवस्था किये जाने की जरूरत है. लेकिन अबतक प्रशासन अंजान बना हुआ है. वहीं अगुवानी स्टैंड परिसर भी अबतक बदहाल बना हुआ है. पहली सोमवारी 22 जुलाई को है.
ज्ञात हो कि हरेक सोमवारी को अगुवानी गंगा घाट पर दूसरे जिले से हजारों की संख्या में जल भरने के लिये कांवरियों का झूंड पहुंचता है. जो इस प्रसिद्ध उत्तरवाहिनी अगुवानी गंगा तट से जल भरकर भागलपुर जिले के मड़वा स्थित भोलेनाथ ,मधेपुरा जिला के सिंहेश्वर भोले बाबा के अलावा सहरसा के बाबा बटेश्वर धाम व खगड़िया जिले के बाबा फुलेश्वर मंदिर पहुंचकर सोमवारी जलाभिषेक करते है.
प्रतिदिन हजारों कांवरिया अगुवानी से गंगा पार कर सुल्तानगंज पहुंचते हैं. ऐसे में अगुवानी बस स्टैंड का महत्व काफी बढ़ जाता है. दर्जनों की संख्या में दूसरे जिले से वाहनों का प्रवेश होता है. इसे लेकर सावन के प्रत्येक रविवार के दिन में ही अगुवानी में कांवरियों का जमावड़ा लगता है. जो देर रात्रि तक अगुवानी धर्मशाला एवं स्टैंड परिसर में विश्राम कर गंगा जल भरकर अगुवानी महेशखूंट मुख्य मार्ग सहित नारायणपुर जीएन बांध से गुजरते है.
धर्मशाला में लटका रहता है ताला
अगुवानी बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर धर्मशाला का निर्माण कराया गया था.हालांकि वर्षों बदहाल रहने के बाद परबत्ता विधायक के पहल पर धर्मशाला का जीर्णोद्धार हुआ. लेकिन इस धर्मशाला से आज भी यात्रियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है.प्रवेश द्वार पर हमेशा ताला लगा रहने से यात्रियों को निराशा ही हाथ लगती है.
दर्जनों शौचालय बेकार
अगुवानी स्टैंड पर लगभग एक दर्जन शौचालय मृतप्राय हो चुके हैं. वर्षों पहले बने शौचालय देखरेख के अभाव में ध्वस्त होने की कगार पर है. प्रखंड में घर घर शौचालय का निर्माण जोर शोर से किया गया.लेकिन सार्वजनिक जगह अबतक उपेक्षित बने हुए है.
शिव भक्तों के लिए की जायेगी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था
खगड़िया : चौथम प्रखंड स्थित मां कात्यायनी मंदिर न्यास समिति की बैठक अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई. बैठक में जिला परिषद सदस्य मिथिलेश यादव, कोषाध्यक्ष चन्देश्वरी राम, पूर्व प्रमुख नरेश बादल, युवराज शंभू, सरपंच भरत यादव, कैलाश वर्मा, डॉ प्रेम कुमार, राजेंद्र भगत, रामानंद सागर सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया. बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया कि श्रावणी मेला को देखते हुए जो भक्त मुंगेर घाट से जल उठा कर बाबा बटेश्वर धाम एवं सिंघेश्वर स्थान जाते हैं.
उनको आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो. उसको देखते हुए हरदिया बांध से कोसी नदी पुल फेनगो हॉल्ट तक न्यास समिति द्वारा रोशनी एवं सभी पुलों पर बैरिकेडिंग लगाने के साथ-साथ आवागमन सुविधा को सुगम बनाने का निर्णय लिया गया. सुरक्षा व्यवस्था देने की मांग की गयी.
समिति के द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि श्रद्धालु को आने जाने के लिए रास्ता सुगम बनाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा. मालूम हो कि बीते दो वर्ष पूर्व गंगा से जलभर कर बटेश्वर धाम जाने के दौरान दो कावंरिया की मौत पुल पर से गिर जाने के कारण हो गयी थी. उक्त घटना को देखते हुये मां कत्यायानी मंदिर न्यास समिति के डाॅ प्रेम कुमार व जिप सदस्य मिथलेश यादव ने बताया कि बटेश्वर धाम जाने वाले सभी कावंरियों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी व सुरक्षा की व्यवस्था की जायेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










