आधार केंद्र पर मनमानी: लाभार्थियों से वसूली जा रही दोगुनी राशि, लोग परेशान
असरगंज एसबीआइ शाखा परिसर का मामला, निर्धारित शुल्क से अधिक मांगने का लाभार्थियों ने लगाया आरोपअसरगंज. प्रखंड मुख्यालय स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) शाखा परिसर में संचालित आधार केंद्र इन दिनों लाभार्थियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. आधार कार्ड बनवाने व त्रुटि सुधार के लिए आने वाले लोगों को न केवल घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है, बल्कि उनसे निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की वसूली भी की जा रही है. केंद्र संचालक की इस मनमानी को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है.
दोगुनी राशि की मांग से ग्रामीण हताश
आधार केंद्र पर पहुंचे लाभार्थियों ने अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं. पनसाई निवासी निरमेश कुमार ने बताया कि मोबाइल लिंक कराने के लिए उनसे 200 रुपये की मांग की जा रही है, जबकि इसकी निर्धारित दर मात्र 75 रुपये है. वहीं, कुमैठा की बटोरनी देवी ने आरोप लगाया कि अपडेट के नाम पर 150 रुपये वसूले जा रहे हैं और फॉर्म भरने के नाम पर भी अवैध राशि ली जा रही है.
दूर-दराज से आए लोगों को बैरंग लौटाने का आरोप
केंद्र पर सुबह आठ बजे से ही भीड़ जुटने लगती है. चोरगांव की खुशी देवी ने बताया कि वह 8 किलोमीटर दूर से दो दिनों से चक्कर काट रही हैं, लेकिन उनका काम नहीं हुआ. लाभार्थियों का आरोप है कि केंद्र पर नियमों की अनदेखी की जा रही है. जो लोग पहले आते हैं, उन्हें छोड़कर चहेतों का काम पहले किया जाता है, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को शाम को बैरंग लौटना पड़ता है.
क्या है निर्धारित शुल्क
नियमों के अनुसार, नया आधार कार्ड पूरी तरह निःशुल्क बनाया जाना है. इसके अलावा आधार के ”फुल अपडेट” (फिंगरप्रिंट, फोटो और आईरिस) के लिए 125 रुपये निर्धारित हैं. मोबाइल लिंक, पता, जन्मतिथि या नाम में सुधार के लिए मात्र 75 रुपये का शुल्क देय है. लेकिन केंद्र पर इन नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं.
लगातार जारी है आक्रोश
भीषण भीड़ और संचालक के अड़ियल रवैये के कारण लाभार्थियों का धैर्य जवाब दे रहा है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आधार केंद्र पर हो रही अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए. कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके.
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