मंडल कारा में विचाराधीन कैदी की अचानक तबियत बिगड़ी, मौत लापरवाही

Published at :10 Dec 2017 6:11 AM (IST)
विज्ञापन
मंडल कारा में विचाराधीन कैदी की अचानक तबियत बिगड़ी, मौत लापरवाही

बाहर से जेल में पहुंचता रहा है आपत्तिजनक सामग्री, पहले भी जा चुकी है कैदियों की जान कैदी को सदर अस्पताल किया गया रेफर, मृत घोिषत पोस्टमार्टम में प्वाॅइजनिंग की कही जा रही बात मुंगेर : मुंगेर मंडल कारा में शनिवार की अहले सुबह एक विचाराधीन कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ गयी. जेल प्रशासन द्वारा […]

विज्ञापन

बाहर से जेल में पहुंचता रहा है आपत्तिजनक सामग्री, पहले भी जा चुकी है कैदियों की जान

कैदी को सदर अस्पताल किया गया रेफर, मृत घोिषत
पोस्टमार्टम में प्वाॅइजनिंग की कही जा रही बात
मुंगेर : मुंगेर मंडल कारा में शनिवार की अहले सुबह एक विचाराधीन कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ गयी. जेल प्रशासन द्वारा उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. जहां चिकित्सक ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया. मेडिकल बोर्ड द्वारा कैदी का पोस्टमार्टम कराया गया. चिकित्सकों की मानें तो यह संदेहास्पद प्वाइजनिंग केस है. ऐसे में एक बार फिर जेल प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे हैं. वहीं देर शाम तक मृतक के शव को लेने उसका कोई परिजन नहीं पहुंचा था. नयारामनगर थाना क्षेत्र के बजरंगबली गांव निवासी सिंघेश्वर मंडल का पुत्र मुकेश मंडल आर्म्स एक्ट में मंडल कारा में…
जलपाइगुड़ी जेल में बंद था. 2 अगस्त 2013 को उसे मुंगेर मंडल कारा में स्थानांतरित किया गया था. शनिवार की अहले सुबह जब मुकेश सेल के भीतर अचानक तड़पने लगा तो साथी कैदियों द्वारा शोर मचा कर इसकी सूचना जेल प्रशासन को दी गयी. इसके बाद वहां पर मौजूद चिकित्सक द्वारा उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. किंतु सदर अस्पताल पहुंचते ही वहां पर मौजूद चिकित्सक डॉ रामप्रवेश प्रसाद ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
पोस्टमार्टम के लिए तीन चिकित्सकों की टीम बनायी गयी. इसमें डॉ आलोक कुमार, डॉ सुधीर कुमार तथा डॉ रमन कुमार शामिल थे. चिकित्सकों के टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया. चिकित्सकों की मानें तो प्रथम दृष्टया यह प्वाइजनिंग का केस प्रतीत हो रहा है. मृतक के शरीर पर न तो किसी प्रकार का जख्म मिला और न ही पहले से उसे किसी प्रकार की बीमारी थी. हालांकि मृतक के बेसरा को जांच के लिए एफएसएल भेजा जा रहा है. एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का सही पता चल पायेगा. वहीं कैदी की मौत को लेकर मामले की जांच-पड़ताल के लिए एक्जक्यूटिव मजिस्टेट चंद्र मोहन पाठक को सदर अस्पताल भेजा गया़ एक्जक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने अपने स्तर पर मामले की पूरी तहकीकात की़
परिजनों का नहीं चल रहा पता
कैदी मुकेश मंडल की मौत के बाद लगातार पुलिस बजरंगबली नगर गांव में वहां के स्थानीय लोगों से पुछताछ कर रही है. किंतु शनिवार की देर शाम तक मृतक के परिजनों का कोई अता-पता नहीं चल पाया. इस वजह से शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है. ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्ष पहले वह अपने परिवार के साथ बजरंगबली नगर गांव में रहता था. किंतु मुंगेर के जेल जाने के बाद से उसके परिजनों का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है. वहीं जेल प्रशासन की मानें तो मुकेश से मुलाकात के लिए उसके एक भी परिजन कभी नहीं आये.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन