मुंगेर विश्वविद्यालय पर 105.92 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र बकाया

बिहार के 11 प्रमुख पारंपरिक विश्वविद्यालयों पर लगभग 604 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं
मुंगेर. बिहार के 11 प्रमुख पारंपरिक विश्वविद्यालयों पर लगभग 604 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं. जिसमें केवल मुंगेर विश्वविद्यालय के पास वित्तीय वर्ष 2019-20 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक 105.92 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र बकाया है. 30 मार्च को ही कुलाधिपति ने सभी विश्वविद्यालयों के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की थी. जिसमें पाया गया कि बिहार के 11 पारंपरिक विश्वविद्यालय के पास कुल 604.20 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र बकाया है. इसमें जहां सबसे अधिक बकाया कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पास 237.83 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र बकाया है. वहीं इसके बाद सबसे अधिक उपयोगिता प्रमाण पत्र मुंगेर विश्वविद्यालय के पास बकाया है. जो कुल 105.92 करोड़ रुपये हैं. एमयू के पास यह उपयोगिता प्रमाण पत्र वित्तीय वर्ष 2019-20 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक का बकाया है. उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार एमयू के पास वित्तीय वर्ष 2019-20 का 7.87 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र बकाया है. वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 का 3.1 करोड़, वित्तीय वर्ष 2021-22 का 7.45 करोड़, वित्तीय वर्ष 2022-23 का 2.75 करोड़, वित्तीय वर्ष 2023-24 का 14.61 करोड़ व वित्तीय वर्ष 2024-25 का 70.13 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र बकाया है. राजभवन द्वारा एमयू से अबतक के बकाया 105.92 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा गया है.
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