पैसों की कमी से अब नहीं रुकेगी पढ़ाई? मोतिहारी के 19 हजार छात्रों को मिला 4 लाख तक शिक्षा लोन

Updated:
विज्ञापन

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पूर्वी चंपारण के युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है. 21,163 आवेदन स्वीकृत हुए हैं, जिससे 19,245 विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण का लाभ मिला है. यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान कर रही है.

विज्ञापन

Motihari News: बिहार सरकार की बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पूर्वी चंपारण के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा की राह आसान कर रही है. जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के माध्यम से संचालित योजना के तहत अब तक 21,163 छात्र-छात्राओं के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं. इनमें 19,245 विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिल चुका है, जबकि उच्च शिक्षा के लिए करीब 369.98 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है.

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र पर आवेदन करने पहुचे आवेदक | Prabhat Khabar Network
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र

21,163 आवेदन मंजूर, 19,245 छात्रों को मिला लाभ

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के सहायक योजना प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया कि योजना के तहत प्राप्त आवेदनों पर प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है. विद्यार्थियों को आवेदन से लेकर आगे की प्रक्रिया तक किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाता है.

अब तक स्वीकृत आवेदनों में से 19,245 छात्र-छात्राओं को शिक्षा ऋण का लाभ मिल चुका है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जारी रखने में मदद मिल रही है.

उच्च शिक्षा के लिए 369.98 करोड़ रुपये जारी

योजना के तहत मोतिहारी जिले के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए अब तक करीब 369.98 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है. इस सहायता से बीटेक, एमबीबीएस, बीए, बीएससी सहित विभिन्न उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है.

4 लाख रुपये तक मिलता है शिक्षा ऋण

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 12वीं पास विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है. पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम के लिए 10वीं पास विद्यार्थी भी पात्र हो सकते हैं.

इस राशि का इस्तेमाल कॉलेज की ट्यूशन फीस, हॉस्टल खर्च, किताबें, स्टेशनरी और लैपटॉप खरीदने जैसी आवश्यक शैक्षणिक जरूरतों के लिए किया जा सकता है.

महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर छात्रों को सिर्फ 1% ब्याज

योजना के तहत सामान्य विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ऋण पर 4% साधारण ब्याज निर्धारित है. वहीं महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए ब्याज दर घटकर सिर्फ 1% रह जाती है.

सरकार ने योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके लिए 950 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया गया है.

कोर्स के बाद चुकानी होगी ऋण की किस्त

शिक्षा ऋण की किस्तें कोर्स पूरा होने के एक वर्ष बाद या नौकरी लगने के छह महीने बाद शुरू होती हैं. दोनों में से जो अवधि पहले पूरी होगी, उसके आधार पर भुगतान शुरू किया जाएगा.

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए जरूरी पात्रता

योजना का लाभ लेने के लिए प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  • निवास: आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए.
  • शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है. पॉलिटेक्निक के लिए 10वीं पास विद्यार्थी पात्र हो सकते हैं.
  • उम्र: सामान्यतः आवेदन के समय छात्र की उम्र 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए.
  • संस्थान: जिस कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया गया है, वह संबंधित नियामक संस्था जैसे UGC या AICTE से मान्यता प्राप्त होना चाहिए.

सात निश्चय कार्यक्रम का हिस्सा है योजना

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम का हिस्सा है. इसका उद्देश्य आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा छोड़ने वाले विद्यार्थियों को आगे पढ़ने का अवसर देना और उन्हें बेहतर करियर के लिए तैयार करना है.

यह भी पढ़ें: सड़क हादसे के बाद खुला बड़ा राज, कार की डिक्की में शराब और बाइक पर लदा था प्रतिबंधित मांस


विज्ञापन
Intejarul Haq

लेखक के बारे में

By Intejarul Haq

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन