अब हर जगह की होगी डिजिटल पहचान, DIGIPIN बताएगा 4 मीटर तक सटीक लोकेशन
सांकेतिक तस्वीर
डिजिटल युग में पते की पहचान अब हाईटेक हो रही है. डाक विभाग का DIGIPIN हर स्थान को 4 मीटर की सटीकता से पहचानेगा. यह सुविधा डाक, ई-कॉमर्स डिलीवरी और आपातकालीन सेवाओं के लिए वरदान साबित होगी, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में.
Motihari News: मोतिहारी. बदलते डिजिटल दौर में अब घर और पते की पहचान भी हाईटेक होने जा रही है. डाक विभाग की ओर से विकसित DIGIPIN (Digital Postal Index Number) देश के प्रत्येक स्थान को एक सटीक डिजिटल पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. डाक अधीक्षक एसएस सुमन के अनुसार DIGIPIN किसी स्थान की लोकेशन को करीब 4×4 मीटर तक की सटीकता से चिन्हित करने में मदद करेगा.
DIGIPIN से मिलेगी हर जगह की सटीक डिजिटल पहचान
DIGIPIN अक्षांश और देशांतर पर आधारित 10 अक्षरों का अल्फान्यूमेरिक डिजिटल कोड है. देश के भौगोलिक क्षेत्र को छोटे-छोटे ग्रिड में बांटकर प्रत्येक स्थान के लिए अलग कोड तैयार किया गया है. इससे किसी घर, भवन या अन्य स्थान की सटीक डिजिटल पहचान संभव होगी.
PIN Code का विकल्प नहीं, बनेगा पूरक
डाक अधीक्षक एसएस सुमन ने बताया कि मौजूदा छह अंकों वाला PIN Code बड़े डाक क्षेत्र की पहचान करता है, जबकि DIGIPIN किसी स्थान की अधिक सटीक लोकेशन बताने में सक्षम है. DIGIPIN पारंपरिक PIN Code का विकल्प नहीं होगा, बल्कि दोनों व्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक रहेंगी.
डाक छंटाई और वितरण में PIN Code की भूमिका बनी रहेगी, जबकि सटीक लोकेशन की पहचान में DIGIPIN उपयोगी साबित होगा.
डाक और ई-कॉमर्स डिलीवरी होगी आसान
DIGIPIN के इस्तेमाल से डाक और पार्सल की डिलीवरी को अधिक सटीक बनाया जा सकेगा. ऑनलाइन खरीदारी में अंतिम चरण की डिलीवरी आसान होगी. इसके अलावा एंबुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को सही लोकेशन तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है.
गांवों में पता ढूंढ़ने की समस्या होगी कम
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कई बार घर या बस्ती का स्पष्ट पता उपलब्ध नहीं होता. ऐसे स्थानों पर DIGIPIN सटीक डिजिटल लोकेशन उपलब्ध कराकर पता पहचानने की समस्या को काफी हद तक आसान कर सकता है.
सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लाभार्थियों की सही लोकेशन पहचानने में भी इस डिजिटल व्यवस्था का उपयोग किया जा सकेगा.
व्यक्तिगत जानकारी नहीं होगी संग्रहित
DIGIPIN की खासियत यह है कि इसमें किसी व्यक्ति की निजी जानकारी डिजिटल कोड के रूप में संग्रहित नहीं होती. यह केवल किसी स्थान की भौगोलिक पहचान पर आधारित है. इसकी तकनीक ओपन-सोर्स और इंटरऑपरेबल है तथा इसमें ऑफलाइन उपयोग की सुविधा भी शामिल है.
ऐसे प्राप्त कर सकते हैं अपना DIGIPIN
मोबाइल या कंप्यूटर से आधिकारिक DIGIPIN पोर्टल पर जाकर वर्तमान लोकेशन की अनुमति देने पर संबंधित स्थान का डिजिटल कोड प्राप्त किया जा सकता है. मानचित्र पर किसी स्थान को चुनकर भी DIGIPIN देखा जा सकेगा. इसे कॉपी कर जरूरत के अनुसार साझा किया जा सकता है.
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लेखक के बारे में
By गिरीश चन्द्र मिश्र
गिरीश चन्द्र समसामयिक घटनाओं पर आधारित खबरें लिखने में लंबा अनुभव रखते हैं. पारंपरिक पत्रकारिता के साथ-साथ ये आधुनिक डिजिटल मीडिया में भी गहरी अभिरुचि रखते हैं और समसामयिक विषयों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं.
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