नए श्रम अधीक्षक के आते ही एक्शन मोड में विभाग, बाल श्रम पर सख्ती

Updated:
विज्ञापन
नये श्रम अधीक्षक के एक्शन से श्रमिकों में जगी उम्मीद

नए श्रम अधीक्षक के आते ही एक्शन मोड में विभाग, बाल श्रम पर सख्ती

पूर्वी चंपारण में नए श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश के पदभार ग्रहण करते ही श्रम विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, बाल श्रम उन्मूलन और सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है.

विज्ञापन

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण में नए श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश के पदभार ग्रहण करते ही श्रम संसाधन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. विभाग ने श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, बाल श्रम उन्मूलन और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कई अहम कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है.

बाल श्रम के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान

श्रम अधीक्षक सत्यप्रकाश की फाईल फोटो | Prabhat Khabar Network

नए श्रम अधीक्षक ने बाल श्रम के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके तहत ढाबों, होटलों, निर्माण स्थलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा. विभाग का उद्देश्य बाल श्रम पर प्रभावी रोक लगाना और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है.

लेबर सेस वसूली पर रहेगी कड़ी नजर

भवन निर्माण कार्यों में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं में 1 प्रतिशत लेबर सेस की वसूली की निगरानी भी तेज की जाएगी. विभाग का मानना है कि इससे श्रमिक कल्याण कोष मजबूत होगा और श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा.

श्रमिक पंजीकरण अभियान को मिलेगी रफ्तार

असंगठित क्षेत्र के कामगारों और निर्माण श्रमिकों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा. इससे पात्र श्रमिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन, मातृत्व सहायता सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा. श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है.

पहले भी मोतिहारी में दे चुके हैं सेवाएं

सत्य प्रकाश इससे पहले भी मोतिहारी में श्रम अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उनके पिछले कार्यकाल में श्रमिक कल्याण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के कारण पूर्वी चंपारण ने बिहार में पहला स्थान हासिल किया था. उनके दोबारा पदस्थापन से श्रमिकों और जिले के लोगों में उम्मीद जगी है कि विभागीय योजनाओं का लाभ अब और अधिक लोगों तक पहुंचेगा.

यह भी पढे़ं: 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को मिलेगी मुफ्त यूनिफॉर्म किट, शिक्षा विभाग ने दी मंजूरी


विज्ञापन
Intejarul Haq

लेखक के बारे में

By Intejarul Haq

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन