फेसबुक से शुरू हुई मोहब्बत, म्यांमार से बिहार पहुंची युवती, नेपाल बॉर्डर पर खुला पूरा राज

Published by : Sarfaraz Ahmad Updated At : 14 Jun 2026 7:12 PM

विज्ञापन

रक्सौल सीमा क्षेत्र में जांच के दौरान तैनात एसएसबी और इमिग्रेशन अधिकारी के समक्ष दंपति

फेसबुक पर शुरू हुई दोस्ती आठ वर्षों बाद भारत-नेपाल सीमा पर जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ा मामला बन गई. म्यांमार की एक युवती और बिहार के युवक को रक्सौल बॉर्डर पर रोका गया, जहां दस्तावेजों की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए. अब विवाह, पहचान दस्तावेज और अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है. पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन

रक्सौल से मनोज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक प्रेम कहानी आठ वर्षों बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आकर जांच एजेंसियों के लिए एक अहम मामला बन गई. म्यांमार की एक युवती अपने भारतीय पति के साथ नेपाल के रास्ते थाईलैंड जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन रक्सौल बॉर्डर पर नियमित जांच के दौरान दोनों को रोक लिया गया. इसके बाद जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और इमिग्रेशन अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

मामला भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल के मैत्री पुल का है, जहां शनिवार की शाम सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा की जा रही नियमित जांच के दौरान एक युवक और एक विदेशी महिला को रोका गया. प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया, लेकिन दस्तावेजों की जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके बाद मामला जांच के दायरे में आ गया.

मैत्री पुल पर जांच के दौरान हुआ संदेह

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने हरैया थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 13 जून की शाम करीब साढ़े छह बजे नेपाल की ओर जा रहे एक युवक और एक महिला को एसएसबी जवानों ने जांच के लिए रोका. युवक ने अपनी पहचान सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र स्थित रघुनाथपुर गांव निवासी मोहम्मद सद्दाम मंसूरी (27) के रूप में बताई. वहीं महिला को उसकी पत्नी अंजूम खातून बताया गया.

हालांकि पूछताछ के दौरान सुरक्षा कर्मियों को कुछ संदेह हुआ. इसके बाद महिला के मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की गई. जांच के दौरान मोबाइल में म्यांमार का पासपोर्ट मिलने पर पूरी कहानी का नया पहलू सामने आया. बाद में महिला की पहचान म्यांमार के यांगून निवासी 23 वर्षीय बूमा देवी के रूप में हुई.

फेसबुक से शुरू हुई थी पहचान

पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों की पहचान वर्ष 2018 में फेसबुक के माध्यम से हुई थी. बताया गया कि सद्दाम मंसूरी ने सोशल मीडिया पर “सोनू बाबू” नाम से प्रोफाइल बनाई थी, जबकि युवती “अनुष्का बसनेत” नाम की फेसबुक आईडी का उपयोग कर रही थी. दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया. पुलिस के अनुसार कुछ महीनों बाद दोनों ने विवाह को लेकर बातचीत शुरू की और संबंध आगे बढ़ा.

जांच अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह दोस्ती आने वाले वर्षों में लगातार संपर्क में बदल गई.

म्यांमार से थाईलैंड और फिर भारत तक का सफर

पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि युवती ने वर्ष 2022 में अपना पासपोर्ट बनवाया था. बाद में वह थाईलैंड चली गई, जहां वह फुकेट शहर में एक रेस्टोरेंट में कार्यरत थी. इस दौरान दोनों के बीच संपर्क बना रहा. जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने विवाह की योजना बनाई और इसके बाद युवती ने भारत आने के लिए आवश्यक वीजा प्रक्रिया पूरी की.

17 जनवरी 2026 को वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंची, जहां सद्दाम उसे लेने गया था. इसके बाद दोनों कुछ समय सूरत में रहे. बाद में युवक उसे अपने गांव रघुनाथपुर लेकर आया.

विवाह और पहचान दस्तावेजों की जांच

पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने विवाह करने की बात कही है. हालांकि जांच एजेंसियां अब विवाह से जुड़े दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रियाओं की भी जांच कर रही हैं. मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू महिला के नाम से बनाए गए पहचान दस्तावेजों को लेकर सामने आया है. जांच में यह तथ्य सामने आया कि महिला के नाम से भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार किए गए थे.

अब पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दस्तावेज किस प्रक्रिया के तहत बने, उनके लिए कौन-कौन से प्रमाण प्रस्तुत किए गए और सत्यापन की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई.

फोटो पर क्लिक कर रजिस्टर करें

नेपाल के रास्ते थाईलैंड जाने की थी तैयारी

प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने नेपाल जाने का कारण एक पारिवारिक कार्यक्रम बताया था. हालांकि बाद की जांच में अधिकारियों को जानकारी मिली कि दोनों नेपाल के रास्ते थाईलैंड जाने की तैयारी में थे. अधिकारियों के अनुसार दोनों आवश्यक यात्रा दस्तावेजों और यात्रा उद्देश्य से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके. इसके बाद उन्हें विस्तृत पूछताछ के लिए इमिग्रेशन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया.

अब किन सवालों के जवाब तलाश रही हैं जांच एजेंसियां

मामले में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि विवाह से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई थी या नहीं. साथ ही महिला के नाम से बनाए गए पहचान दस्तावेजों की वैधता, विदेशी नागरिक के रूप में भारत में उसके निवास की स्थिति, यात्रा संबंधी दस्तावेजों की वैधता और संबंधित नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है.

इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्या किसी अन्य व्यक्ति ने दस्तावेज तैयार कराने या प्रक्रिया को पूरा कराने में सहयोग किया था.

पुलिस ने दर्ज किया मामला

हरैया थाना के प्रभारी किशन कुमार पासवान ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. दोनों से पूछताछ की जा रही है और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.

विज्ञापन
Sarfaraz Ahmad

लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन