कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों का मन मोहा

Edited by DIGVIJAY SINGH
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साहित्यकार प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल के संचालन में हिन्दू नव वर्ष को समर्पित कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया.

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मधुबनी . शहर के प्रो. जेपी सिंह के आवासीय परिसर में स्वचालित कवि गोष्ठी का आयोजन प्रो. सिंह के दिशा-निर्देश व रत्नेश्वर ठाकुर की अध्यक्षता में हुई. साहित्यकार प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल के संचालन में हिन्दू नव वर्ष को समर्पित कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. पठित रचना की समीक्षा डॉ. राम दयाल यादव ने की. गोष्ठी की शुरुआत कवि शिव नारायण साह की रचना भगवान बचाओ से हुई. कवि दयानंद झा राणा सांगा का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान सभी का ध्यान आकृष्ट किया. नव हस्ताक्षर राकेश कुमार ठाकुर ने ट्रेन में सीट नहीं मिलने की समस्या को उजागर किया. ज्योति रमण झा कोई कहता है खुदा उसे कोई ईश्वर और भगवान, कवि राणा ब्रजेश की रचना मुझको मेरे मन से सच उगलवाना ने लोगों की खूब तालियां बटोरी. कवि सम्मेलन में शत्रुमर्दन कुमार दीपक, डॉ. विनय विश्वबंधु, प्रो. जेपी सिंह, ऋषिदेव सिंह, डॉ. राम दयाल यादव, साहित्यश्री प्रीतम निषाद की रचना खूब सराही गयी. वहींप्रो. शुभ कुमार वर्णवाल, अरविंद प्रसाद, की कविता पर लोगों ने जमकर तालियां बजायी. इस अवसर पर भोलानंद झा व रत्नेश्वर ठाकुर ने कहा कि स्वचालित कवि गोष्ठी कवियों की कार्यशाला है. दयानंद झा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया. अंत में वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व एमएलसी उदय कांत चौधरी एवं स्वचालित कविगोष्ठी के वरिष्ठ सदस्य प्रो. रिजवान सिद्दीकी की पत्नी के निधन पर शोक प्रकट किया गया.

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