मधेपुर के दर्जनों गांव के घरों में घुसा बाढ़ का पानी, कमला खतरे निशान से उपर

Updated at : 07 Jul 2024 9:15 PM (IST)
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मधेपुर के दर्जनों गांव के घरों में घुसा बाढ़ का पानी, कमला खतरे निशान से उपर

जिला सहित नेपाल में लगातार हो रहे बारिश से विभिन्न नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. झंझारपुर में कमला नदी खतरा निशान से उपर बह रही है.

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मधुबनी/झंझारपुर. जिला सहित नेपाल में लगातार हो रहे बारिश से विभिन्न नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. झंझारपुर में कमला नदी खतरा निशान से उपर बह रही है. वहीं जयनगर, फुलपरास में कमला व भूतही बलान नदियां भी उफना रही है. जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गयी है. इधर, रविवार को नेपाल बैराज से करीब तीन लाख 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. आपदा विभाग से मिली जानकरी के अनुसार 3,93,715 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी नेपाल आपदा विभाग ने दी है. जिससे मधेपुर के इलाकों में बाढ़ की खतरा और अधिक बढ़ गयी है. मधेपुर में कोसी, कमला सहित विभिन्न नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. घरों में घुसा पानी मधेपुर प्रखंड में कमला व कोसी नदी उफान पर है. पानी कई गांव में आंगन तक पानी घुस गया है. वहीं, कमला नदी का जल स्तर खतरे निशान से उपर चला गया. कमला नदी का जल स्तर सुबह नौ बजे खतरे निशान से 37 सेंटीमीटर उपर चला गया. हालांकि शाम चार बजे जल स्तर में कमी आयी. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि शाम चार बजे 15 सेंटीमीटर अभी भी खतरे निशान से उपर बह रही थी. मापी स्थल पर 50 सेंटीमीटर पर खतरा निशान का चिन्ह बनाया गया. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि जलस्तर में घट रहा है. विभाग सजग है. फ्लड फाइटिंग का कार्य भी किया जा रहा है. इधर, मधेपुर प्रखंड के कोसी दियारा इलाके के अब कई गांव पानी से घिर चुका है. लोगों के आंगन तक पानी प्रवेश कर चुका है. नेपाल के क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी शनिवार से ही उफान पर है. प्रखंड के पश्चिमी तथा पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर निचले इलाके में पानी फैल गया है. लगभग एक दर्जन गांव में लोगों के घरों के आंगन तक एवं दरवाजे तक दो से तीन फुट तक बाढ़ का पानी भर गया है. ऐसे में लोग पलायन कर ऊंचे स्थान पर जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं. जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. वहीं कोसी, भूतही बलान, व तिलयूगा नदी के जलस्तर में रविवार को जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी. मधेपुर प्रखंड के गढ़ गांव, बसीपटी, बकुआ, भरगामा पंचायत से बहने वाली मुख्य कोसी नदी व उनकी शाखा नदियों में पानी तेजी से बढ़ने लगा है. जिससे कोसी दियारा क्षेत्र में आवागमन का एकमात्र सहारा नाव बना हुआ है. कोसी पश्चिमी तटबंध और पूर्वी तटबंध के बीच से बहने वाली कोसी नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण लगभग एक लाख की आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडाराने लगा है. प्रखंड के बसीपट्टी, गढ़गांव पंचायत के साथ साथ बकुआ पंचायत के दर्जनों गांव में अब पानी पूरी तरह फैल गया है. जिससे अब लोगों को अपने साथ साथ माल मवेशी की चारे की भी दिक्कत होने लगी है. वहीं कोसी दियारा क्षेत्र को जाने वाले मुख्य सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ने लगा था. तटबंध की सुरक्षा को लेकर अफसर भी पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं. हर समय जल स्तर नजर रखी जा रही है और कई जगह पर तटबंध की मरम्मति को लेकर काम भी कराये जा रहे हैं. मधेपुर प्रखंड में कमला व कोसी नदी उफान पर है. पानी कई गांव में आंगन तक पानी घुस गया है. वहीं, कमला नदी का जल स्तर खतरे निशान से उपर चला गया. कमला नदी का जल स्तर सुबह नौ बजे खतरे निशान से 37 सेंटीमीटर उपर चला गया. हालांकि शाम चार बजे जल स्तर में कमी आयी. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि शाम चार बजे 15 सेंटीमीटर अभी भी खतरे निशान से उपर बह रही थी. मापी स्थल पर 50 सेंटीमीटर पर खतरा निशान का चिन्ह बनाया गया. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि जलस्तर में घट रहा है. विभाग सजग है. फ्लड फाइटिंग का कार्य भी किया जा रहा है. इधर, मधेपुर प्रखंड के कोसी दियारा इलाके के अब कई गांव पानी से घिर चुका है. लोगों के आंगन तक पानी प्रवेश कर चुका है. नेपाल के क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी शनिवार से ही उफान पर है. प्रखंड के पश्चिमी तथा पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर निचले इलाके में पानी फैल गया है. लगभग एक दर्जन गांव में लोगों के घरों के आंगन तक एवं दरवाजे तक दो से तीन फुट तक बाढ़ का पानी भर गया है. ऐसे में लोग पलायन कर ऊंचे स्थान पर जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं. जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. वहीं कोसी, भूतही बलान, व तिलयूगा नदी के जलस्तर में रविवार को जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी. मधेपुर प्रखंड के गढ़ गांव, बसीपटी, बकुआ, भरगामा पंचायत से बहने वाली मुख्य कोसी नदी व उनकी शाखा नदियों में पानी तेजी से बढ़ने लगा है. जिससे कोसी दियारा क्षेत्र में आवागमन का एकमात्र सहारा नाव बना हुआ है. कोसी पश्चिमी तटबंध और पूर्वी तटबंध के बीच से बहने वाली कोसी नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण लगभग एक लाख की आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडाराने लगा है. प्रखंड के बसीपट्टी, गढ़गांव पंचायत के साथ साथ बकुआ पंचायत के दर्जनों गांव में अब पानी पूरी तरह फैल गया है. जिससे अब लोगों को अपने साथ साथ माल मवेशी की चारे की भी दिक्कत होने लगी है. वहीं कोसी दियारा क्षेत्र को जाने वाले मुख्य सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ने लगा था. तटबंध की सुरक्षा को लेकर अफसर भी पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं. हर समय जल स्तर नजर रखी जा रही है और कई जगह पर तटबंध की मरम्मति को लेकर काम भी कराये जा रहे हैं.

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