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Madhubani News :ऑफेडर्स एक्ट के तहत लाभ लेने वाले को मिलता है पुनर्वास की सुविधा- जिला एवं सत्र न्यायाधीश

Updated at : 04 Aug 2024 11:47 PM (IST)
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Madhubani News : सचिव सह महानिरीक्षक कारा एवं सुधार सेवा विभाग पटना के निर्देश पर जिले के आम लोगों को प्रोबेशन ऑफ आफेडर्स एक्ट 1958 को लेकर जागरूकता लाने के उद्देश्य से सौराठ स्थित मिथिला चित्रकला संस्थान में शनिवार को सेमिनार का आयोजन किया गया.

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Madhubani News : सचिव सह महानिरीक्षक कारा एवं सुधार सेवा विभाग पटना के निर्देश पर जिले के आम लोगों को प्रोबेशन ऑफ आफेडर्स एक्ट 1958 को लेकर जागरूकता लाने के उद्देश्य से सौराठ स्थित मिथिला चित्रकला संस्थान में शनिवार को सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका टी, प्रधान न्यायाधीश आर के बच्चन, प्रथम एडीजे सैयद मो. फजलुल बारी, एडीजे चतुर्थ मो. मंजूर आलम, अपर समाहर्ता ने संयुक्त रुप से दीप जलाकर कर कार्यक्रम की शुरुआत की. इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इस एक्ट का लाभ गरीब एवं कमजोर वर्ग के साथ साथ सभी वर्ग के लोगों के लिए समान रुप में दिया जाता है. संगीन अपराध, मृत्यु दंड, आजीवन कारावास में इस एक्ट का लाभ देने का प्रावधान नही है.

Madhubani News : किसे मिलता है प्रोबैशन ऑफ ऑफेडर्स ऐक्ट का लाभ ?

सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इस एक्ट के तहत मुक्त पक्षकार को पुनर्वास का भी प्रावधान है. उन्होंनें कहा कि कभी- कभी गलती से किसी व्यक्ति से अपराध हो जाता है, जो कि वह करना नहीं चाहता. न्यायालय ऐसे व्यक्ति को अगर जेल भेज देता है. तब वह जेल में बंद अपराधियों के साथ रहकर गलत संगत में पड़कर वह भी अपराधी बन सकता है. इसलिए वैसे व्यक्ति को प्रोबेशन ऑफ ऑफेडर्स एक्ट का लाभ देकर रिहा कर दिया जाता है. वहीं प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह कानून ऐसा कानून है जिसमें न्यायालय को यह अधिकार प्राप्त है कि दोषी व्यक्ति को प्रोबेशन एण्ड ऑफेंडर्स एक्ट के तहत सुधरने का मौका देकर जेल न भेज कर घर भेज सकता है. वहीं इस पर नजर रखने के लिए परिवीक्षा अधिकारी की भी नियुक्त कर सकता है.

Madhubani News : एडीजे ने बताया ऐक्ट का महत्व

वहीं एडीजे प्रथम एवं एडीजे चतुर्थ ने प्रोबेशन एन्ड ऑफेंडर्स एक्ट के उद्देश्य एवं महत्व के बारे में बताया. खासकर एक्ट की धारा 3 एवं 4 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दिया. कहा कि ऐसा कोई अपराध जिसकी सजा दो वर्ष से कम है, ऐसे मामलों के पक्षकार का चरित्र व आपराधिक इतिहास न हो वैसे पक्षकार को प्रोबेशन ऑफ ऑफेडर्स एक्ट का लाभ देकर रिहा किया जा सकता है. मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार प्रभारी सचिव राजेश कुमार गौरव, एडीजे प्रथम एस एम एफ बारी, एडीजे द्वितीय पुनीत मालवीय, एडीजे तृतीय वेद प्रकाश मोदी, एडीजे चतुर्थ मंजूर आलम, एडीजे पांच संकाश चन्द्रा, एडीजे छह गौरव आनंद, एडीजे सात दिवेश कुमार, एडीजे छह रश्मि प्रसाद,एडीजे नौ अंजनी कुमार गोंड,एडीजे दस मनोज कुमार, एडीजे ग्यारह मनीष कुमार, एडीजे 12 अनुप सिंह, न्यायिक दंडाधिकारी किशोर न्याय परिषद कुमारेश, एसीजेएम प्रथम तेज कुमार प्रसाद, एसीजेएम स्वाती सूरेन्द्र, मुंसिफ प्रथम विश्वजीत सिंह, एसडीजेएम अलका राय,न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी मो० शोयब, प्रतीक रंजन चौरसिया, नरेश कुमार, जिला प्रोबेशन पदाधिकारी नरोत्तम कुमार, चीफ लिगल एड रंजीत कुमार झा,डिप्टी चीफ लिगल एड प्रभात रंजन, सहायक अतुल झा, अधिवक्ता कमल नारायण यादव, संघ सचिव शिवनाथ चौधरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे.

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