काको चोपता दुर्गा स्थान से मैलाम गांव जाने वाली सड़क पर चलना दूभर

Updated at : 21 May 2024 9:58 PM (IST)
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काको चोपता दुर्गा स्थान से मैलाम गांव जाने वाली सड़क पर चलना दूभर

प्रखंड के काको पंचायत स्थित चोपता दुर्गा मंदिर परिसर के बगल से मैलाम गांव तक जाने वाली कच्ची सड़क लोगों के लिए जी का जंजाल साबित होने लगा है. सड़क से गुजरने वाले राहगीरों के लिए सड़क जानलेवा हो गयी है.

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झंझारपुर . प्रखंड के काको पंचायत स्थित चोपता दुर्गा मंदिर परिसर के बगल से मैलाम गांव तक जाने वाली कच्ची सड़क लोगों के लिए जी का जंजाल साबित होने लगा है. सड़क से गुजरने वाले राहगीरों के लिए सड़क जानलेवा हो गयी है. जगह-जगह कच्ची सड़क में जानलेवा गड्ढे बनने के कारण आये दिन यात्री जख्मी हो रहे हैं. सड़क में जगह जगह कीचड़ होने के कारण सड़क पर पैदल भी चलना दूभर हो गया. आसपास के लोगों के लिए राजनगर व पंडौल प्रखंड जाने में सात से आठ किलोमीटर की बचत हो जाती है. जिसकी वजह से लोग इसी सड़क को आवागमन के लिए अपना पहली पसंद मानते हैं. एक साल पूर्व चोपता से मैलाम जाने वाली सड़क में इमली पेड़ पर फंदा से लटका हुआ शव भी पुलिस ने बरामद किया था. जिसके बाद से कच्ची सड़क होने की वजह से अब लोग इस सड़क से चलना लगभग कम ही कर दिया है. चोपता से मैलाम तक जाने वाली इस सड़क की दूरी करीब चार किलोमीटर की होगी.

2014 में सड़क पर हुआ था मिट्टीकरण

2014 में इस सड़क पर मिट्टीकरण का कार्य किया गया था. करीब चार किलोमीटर की दूरी की इस का जीर्णोद्धार मनरेगा से किया गया है. लगभग 10 से 15 फीट की सड़क का कायाकल्प होने से लोगों को राजनगर बाजार आने जाने के अलावे पंडौल प्रखंड, झंझारपुर प्रखंड के लोगों को सुलभ व सरल रास्ता हो जाएगा. इस सड़क के कालीकरण नहीं होने से लगभग 10 हजार की आबादी प्रभावित है.

क्या कहते हैं लोग

स्थानीय पप्पू मिश्र, अमित मिश्र, सरोज सिंह, अरविंद यादव, गंगेश यादव, कन्हैया सिंह सड़क निर्माण की दिशा में पहल के लिए जनप्रतिनिधियों से दर्जनों बार गुहार लगाई गई है. पर आश्वासन के अलावे किसी प्रकार की सड़क निर्माण की दिशा में पहल नहीं की गई है. लोगों का कहना है कि अब लोगों का धैर्य जबाब देने लगा है. जल्द ही सड़क निर्माण के लिए जन आंदोलन किया जाएगा.

क्या कहते हैं मुखिया

काको पंचायत के मुखिया विदेशी राम ने कहा कि उनके द्वारा कई बार सड़क निर्माण की दिशा में पहल की गई है. लेकिन सड़क के दो सौ फीट को लोग निजी बता रहे हैं जिस कारण सड़क का निर्माण नहीं किया जा सका है.

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