लाभुक के चेहरे की पहचान से ही मिलेगा पोषाहार

Edited by DIGVIJAY SINGH
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प्रखंड क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभुक का चेहरा पहचान कर ही पोषाहार दिए जाएंगे.

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बिस्फी . प्रखंड क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभुक का चेहरा पहचान कर ही पोषाहार दिए जाएंगे. पोषाहार के लिए लाभुक को भौतिक रूप से आंगनबाड़ी केंद्र पर आना अनिवार्य होगा. प्रखंड क्षेत्र के 336 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र में फेस एफआरएस लागू 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा. आईसीडीएस के अनुसार नई व्यवस्था लागू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. सीडीपीओ सुशीला कुमारी ने बताया कि पोषाहार वितरण में गड़बड़ी नहीं हो इसे सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है. इसके लिए विभिन्न स्तरों पर आंगनबाड़ी सेविका को प्रशिक्षित किया गया है. प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों , गर्भवती और अति कुपोषित लड़कियों तथा महिलाओं को प्रोत्साहन मिलता है. इसमें लगभग 90 प्रतिशत से अधिक लाभुक का आधार से लिंक हो चुका है. केंद्रो पर 6 वर्ष तक के बच्चों को पका हुआ ताजा भोजन देने का प्रावधान है. अतिरिक्त पोषाहार के तौर पर सप्ताह में 2 दिन बुधवार और शुक्रवार को हर बच्चों को एक-एक अंडा दिया जाता है. हर मंगल और गुरुवार को दूध दिया जाता है. पोषाहार वितरण संबंधी रिपोर्ट और मॉनिटरिंग के लिए पोषण ट्रैकर है . पोषण ट्रैकर एप में ही एफआरएस का फीचर रहेगा. इसकी सहायता से आंगनबाड़ी केंद्र पर लाभुक का चेहरा मिलन होगा. इसके बाद पोषाहार दी जाएगी. लाभुक का आधार लिंक है. चेहरा पढ़ते ही लाभाथीं के आधार से सत्यता की भी जांच की जाएगी.

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