10 माह से बिना पार्षद का है वार्ड
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Aug 2016 2:39 AM
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वार्ड 13 में िवगत एक साल से पार्षद नहीं है. उनके िनधन के बाद से इस वार्ड का चुनाव नहीं कराया गया है. िजससे इस वार्ड की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. साफ-सफाई नहीं होने से चारों तरफ गंदगी फैली हुई है. वार्ड में िवकास का कोई भी काम नहीं हुआ है. सड़क पर […]
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वार्ड 13 में िवगत एक साल से पार्षद नहीं है. उनके िनधन के बाद से इस वार्ड का चुनाव नहीं कराया गया है. िजससे इस वार्ड की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. साफ-सफाई नहीं होने से चारों तरफ गंदगी फैली हुई है. वार्ड में िवकास का कोई भी काम नहीं हुआ है. सड़क पर चलने में भी परेशानी है.
मधुबनी : वार्ड नंबर तेरह विगत एक साल से अनाथ है. अनाथ इस मामले में कि एक साल पहले इस वार्ड के पार्षद अनिल मंडल का निधन हो गया, पर इसके बाद ना तो चुनाव कराया गया है और ना ही नप प्रशासन इस वार्ड के विकास को लेकर ही कोई पहल कर रहा है. ऐसे में वार्ड का विकास किस तरह हो रहा होगा और समस्या का निदान कैसे होगा इसका स्वत: ही अंदाजा लगाया जा सकता है. वार्ड में हर ओर समस्या ही समस्या है.
मुख्य पार्षद भी मौन हैं, प्रशासनिक अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं. जब कभी नप प्रशासन का मन किया इस वार्ड के लोगों को कुछ हाथ उठाकर दे दिया. विगत दिनों सफाई के लिये कचरा बाल्टी दिया गया था. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इन दिनों यह वार्ड पूरे तौर पर लाचार, बेबस और नप के रहमो करम पर है. अधिकार के लिए कोइ लड़ने वाला नहीं, हक दिलाने वाला कोई नहीं. जनता अपनी समस्या सुनाये तो किसे.
चारों ओर गंदगी, जलजमाव की समस्या, वेपर लाइट नहीं, पेयजल की समस्या. चार साल में मात्र तीन लाख पचास हजार रुपये की दो योजनाएं इस वार्ड को मिली है. एक नाला बना एक क्रॉस पुल. पर इसके अलावे आज तक कोई योजना चार साल में नहीं मिला. कभी कभी पूर्व पार्षद पिंटू पंजियार के पास जनता अपनी समस्या रखती है . पर अधिकार नहीं रहने से ये नप से कोई योजना नहीं ला पा रहे हैं.
कब मिलेगा वार्ड को पार्षद
इस वार्ड के लोगों की सबसे बड़ी समस्या है वार्ड पार्षद का नहीं रहना. पिछले साल अक्तूबर माह में ही इस वार्ड के पार्षद अनिल मंडल का निधन हो गया . जिसके बाद यहां विकास कार्य पूरी तरह ठप है.
विकास के नाम पर मात्र तीन लाख की योजना
जल जमाव और गंदगी के बीच पानी लेती महिला.
गौरव कुमार बताते हैं कि चार साल में इस वार्ड में ऐसा कोई काम नहीं हो सका है जिसे विकास के मामले में उपलब्धि कहा जाय. दूसरा कारण यह है कि इस वार्ड में बिचौलिये हावी हो गये हैं.
पिंटू पंजियार बताते हैं कि नप प्रशासन ने इस वार्ड की हमेशा ही अनदेखी की है. चार साल में मात्र साढे तीन लाख रुपये की योजना ही दी गयी. विकास कार्य बाधित है इसमें पूरी तरह नप प्रशासन ही दोषी है.
नप प्रशासन ने जनप्रतिनिधि अधिनियम की हमेशा ही अनदेखी की है
गुड्डी पंजियार बताती है कि अब बहुत कम दिन बचा है. वार्ड पार्षद तक इस वार्ड में नहीं है. सड़क की सफाई, नाले की सफाई नहीं हो पा रही है. इसको देखने वाला कोई नहीं है. हमलोगा किससे सुनाये अपनी समस्या.
माला देवी बताती है कि वार्ड में चापाकल नहीं है, वेपर लाइट भी खराब है. हर ओर गंदगी है. नप प्रशासन को इस दिशा में पहल करना चाहिए. कोई देखने वाला नहीं है. साफ सफाई नहीं हो रही है. चारों ओर गंदगी फैली रहती है.
आंकड़ों के आइने में
आबादी : 5300
परिवार की संख्या : 400
बीपीएल : 289
अंत्योदय : 70
मुख्य मुहल्ला : महाराजगंज,धोबी टोला, मुस्लिम टोला
वार्ड पार्षद : कोई नहीं
चापाकल की संख्या : 17
खराब चापाकल : 10
वेपर लाइट : 25
खराब वेपर लाइट : 15
प्राथमिक विद्यालय : 01
मध्य विद्यालय : 01
सफाई पर दिया जा रहा विशेष ध्यान
जिस प्रकार अन्य वार्डों में विकास योजनाएं चल रही है इस वार्ड में भी योजना दी जा रही है. सफाई के लिए भी विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है. जहां तक चुनाव की बात है तो हमने तत्कालीन पार्षद अनिल मंडल के निधन की सूचना डीएम को दे दी है. चुनाव कराने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है.
खालिद अनवर, मुख्य पार्षद
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