7.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

जिले में 84 पैथोलॉजी लैब को मिला है लाइसेंस

स्वास्थ्य विभाग की गंभीरता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है, कि जिले में सिर्फ 84 पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर ही निबंधित है.

मधुबनी . स्वास्थ्य विभाग की गंभीरता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है, कि जिले में सिर्फ 84 पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर ही निबंधित है. जबकि सैकड़ों की संख्या में पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन हो रहा है. निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किसी भी पैथोलॉजी केंद्र के संचालन के लिए मूलभूत सुविधाओं का होना जरूरी है. वहीं प्रत्येक जांच के लिए रेट चार्ट भी लगाने का स्पष्ट निर्देश है. जबकि अधिकतर जांच केंद्रों पर रेट चार्ट नहीं लगाया गया है. इसके कारण अलग-अलग मरीजों से अलग-अलग राशि की वसूली हो रही है. बिना रजिस्ट्रेशन के जांच घर चलाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है. प्रावधानों के अनुसार बिना निबंधन के जांच घर संचालित करने पर पहली बार 50 हजार रुपए जुर्माना, दूसरी बार पकड़े जाने पर दो लाख रुपए तक का जुर्माना व तीसरी बार पकड़े जाने पर पांच लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. पैथोलॉजी लैब संचालक के पास न योग्यता न रजिस्ट्रेशन लैब संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विधिवत नियम लागू किए गए हैं. लेकिन जिले में आश्चर्यजनक रुप से डीएमएलटी व उनके सहयोगी द्वारा लैब संचालित किया जा रहा है. रिपोर्ट पर साइन कर मरीजों दे रहे हैं. जबकि लैब संचालक एमबीबीएस, एमडी पैथोलॉजिस्ट होना चाहिए. इतना ही नहीं अवैध तरीके से संचालित लैब के पास न नियमानुसार पॉल्यूशन बोर्ड का रजिस्ट्रेशन है और न ही पंजीकृत मेडिकल वेस्ट फर्म का पंजीयन है. पैथ लैब की नहीं हो रही जांच जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने अपने क्षेत्र में संचालित वैध व अवैध पैथोलॉजी लैब व डायग्नोस्टिक सेंटर की सूची सिविल सर्जन ने छह महीने पहले मांगी थी. लेकिन अभी तक महज कुछ एमओआईसी ने ही सिविल सर्जन कार्यालय को सूची उपलब्ध कराई है. इसके अलावा जांच भी सभी जगह नहीं हो पाया है. सबसे खराब स्थिति मुख्यालय का है, जहां अभी तक एक भी पैथोलॉजी लैब की जांच नहीं हुई है. अप्रशिक्षित करते हैं बीमारियों की जांच बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा भले ही लाख दावे किए जा रहे हों, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है. अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज भी जिले में अधिकांश जांच घर बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हैं. जांच घरों में अप्रशिक्षित कर्मियों द्वारा ही मरीजों का खून, पेशाब व अन्य जांच की जा रही है. रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर मरीजों को दवा लिखते हैं. रिपोर्ट गलत होने के कारण बीमारी का सही पता नहीं चलता है. क्या कहते हैं अधिकारी सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने कहा कि अवैध पैथोलॉजी लैब व डायग्नोस्टिक सेंटरों का शीघ्र जांच की जाएगी. इसके लिए एमओआईसी को पूर्व में निर्देश दिया गया है. नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel