Tusu Parab 2026: टुसू पर्व पर जानें इस जनजातीय त्योहार का इतिहास और परंपरा
Published by : Shaurya Punj Updated At : 14 Jan 2026 9:14 AM
टुसू पर्व आज 14 जनवरी को
Tusu Parab 2026: टुसू पर्व झारखंड के आदिवासी समाज का प्रमुख त्योहार है. जानें टुसू पर्व का इतिहास, परंपरा, पूजा विधि और इसका सांस्कृतिक महत्व.
Tusu Parab 2026: आज 14 जनवरी को झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई इलाकों में टुसू पर्व बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और परंपरा के साथ मनाया जा रहा है. टुसू पर्व झारखंड के कुड़मी और आदिवासी समाज का सबसे महत्वपूर्ण लोकपर्व माना जाता है. यह पर्व खास तौर पर फसल कटाई के बाद, पौष महीने में, मकर संक्रांति के अवसर पर मनाया जाता है। टुसू शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है — कुंवारी कन्या, जो इस पर्व के मूल भाव को दर्शाता है.
झारखंड के अधिकतर पर्व प्रकृति से जुड़े होते हैं, लेकिन टुसू पर्व का स्थान इन सबमें विशेष है क्योंकि इसमें आस्था, बलिदान, संघर्ष और सामूहिक आनंद की भावना समाहित है.
टुसू पर्व का इतिहास और परंपरा
टुसू पर्व से जुड़ा कोई ठोस लिखित इतिहास भले न हो, लेकिन लोककथाओं, गीतों और परंपराओं के माध्यम से इसकी कथा पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित है. मकर संक्रांति के दिन सुबह-सुबह लोग नदी या जलाशय में स्नान कर उगते सूर्य की पूजा करते हैं और उसके बाद टुसू देवी की आराधना की जाती है. यह पूजा नए वर्ष में समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल की कामना के साथ की जाती है.
यह पर्व केवल पूजा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसमें नाच-गान, लोकगीत और सामूहिक उत्सव भी शामिल होता है, जो पूरे समाज को एक सूत्र में बांध देता है.
कहां-कहां मनाया जाता है टुसू पर्व
टुसू पर्व झारखंड के रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, रामगढ़, बोकारो और धनबाद जिलों में प्रमुख रूप से मनाया जाता है. इसके अलावा यह पर्व पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बांकुड़ा, मिदनापुर और ओडिशा के क्योंझर, मयूरभंज, बारीपदा जैसे क्षेत्रों में भी धूमधाम से मनाया जाता है.
अघन संक्रांति (15 दिसंबर) से लेकर मकर संक्रांति (14 जनवरी) तक कुंवारी कन्याएं प्रतिदिन संध्या समय टुसू की पूजा करती हैं. गांव की लड़कियां टुसू की मूर्ति बनाकर उसे सजाती हैं और दीप-धूप से विधिवत पूजा करती हैं.
टुसू पर्व के अलग-अलग नाम और आखाईन जातरा
टुसू पर्व को टुसू परब, मकर परब और पूस परब के नाम से भी जाना जाता है. इसके साथ ही बांउड़ी और आखाईन जातरा का भी विशेष महत्व है. आखाईन जातरा को कृषि कार्य के नए चक्र की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन नए घर की नींव रखना या कोई नया कार्य शुरू करना शुभ माना जाता है. कई समुदाय इसे नववर्ष के रूप में भी मनाते हैं.
कौन थी टुसू? बलिदान की अमर गाथा
लोककथाओं के अनुसार, टुसू एक गरीब कुड़मी किसान की अत्यंत सुंदर और साहसी बेटी थी। उसकी सुंदरता और साहस की चर्चा एक क्रूर राजा तक पहुंच गई. अकाल के समय राजा ने किसानों पर अत्याचार करते हुए कर दोगुना कर दिया. टुसू ने इस अन्याय के खिलाफ किसानों को संगठित किया. संघर्ष के दौरान जब वह सैनिकों के हाथ पड़ने वाली थी, तब उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय नदी में कूदकर बलिदान देना स्वीकार किया.
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टुसू की इसी शहादत की स्मृति में आज भी उसकी प्रतिमा बनाकर नदी में विसर्जन किया जाता है। वह कुंवारी थी, इसलिए इस पर्व में कुंवारी कन्याओं की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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