लखनौर /झंझारपुर . शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने ठोस और दीर्घकालिक पहल करने का निर्णय लिया है. नगर परिषद की स्थायी समिति की बैठक में स्ट्रीट डॉग शेल्टर के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया. जिसके लिए उपयुक्त जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है. फिलहाल वार्ड 19 डुबरबोना स्थित एक भूमि पर मंथन किया जा रहा है. हालांकि अंतिम निर्णय शेष है. बैठक में आवारा कुत्तों के प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए डॉग कैरेज वाहन की खरीद तथा प्रत्येक वार्ड में डॉग फीडिंग स्टॉल स्थापित करने पर भी सहमति बनी. इसके लिए कोटेशन मंगाए गए हैं. मुख्य पार्षद बबीता शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई विभागीय निर्देशों के आलोक में की जा रही है. योजना के तहत सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों को विशेषज्ञ टीम द्वारा पकड़कर स्ट्रीट डॉग शेल्टर में रखा जाएगा. इसकी सूचना पशुपालन विभाग को दी जाएगी, जहां विभागीय चिकित्सकों द्वारा कुत्तों का आवश्यक उपचार किया जाएगा. सभी कुत्तों को एंटी-रेबीज टीकाकरण और नसबंदी के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शहर में छोड़ा जाएगा. इस अभियान के नोडल पदाधिकारी सिटी मैनेजर संजय कुमार बनाए गए हैं. उन्होंने बताया कि स्ट्रीट डॉग शेल्टर में डॉग केयर सेंटर की व्यवस्था होगी. जहां भोजन और देखभाल की अलग-अलग सुविधाएं रहेंगी. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद कुत्तों को टैग लगाकर क्रमवार तरीके से पुनः शहर में छोड़ा जाएगा. नोडल पदाधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आवारा कुत्तों से आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है. टीकाकरण और नसबंदी के बाद ही कुत्तों को छोड़े जाने से भविष्य में उनकी संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. इस अभियान के लिए आमजन में चर्चाएं तेज हो गई हैं. नोडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एक सुव्यवस्थित सिस्टम और समर्पित टीम बनाकर पूरे कार्यक्रम का निष्पादन किया जाएगा.
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