पचमनिया गांव के आदिवासी करेंगे वैज्ञानिक तरीके से खेती
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मधेपुर : मधेपुर प्रखंड के पचमनिया गांव के आदिवासी किसान अब जंगली जानवरों का शिकार छोड़कर वैज्ञानिक तौर तरीके से खेती करेंगे. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय बिहार पूसा समस्तीपुर ने जन जातीय उपयोजना के तहत इन आदिवासी किसानों को प्रशिक्षण देकर वैज्ञानिक तरीके से खेती करवाने की दिशा में पहल शुरू किया है. सोमवार को कृषि […]
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मधेपुर : मधेपुर प्रखंड के पचमनिया गांव के आदिवासी किसान अब जंगली जानवरों का शिकार छोड़कर वैज्ञानिक तौर तरीके से खेती करेंगे. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय बिहार पूसा समस्तीपुर ने जन जातीय उपयोजना के तहत इन आदिवासी किसानों को प्रशिक्षण देकर वैज्ञानिक तरीके से खेती करवाने की दिशा में पहल शुरू किया है.
सोमवार को कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की टीम ने पचमनिया गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में जन जातीय किसानों को देर से बुआई की परिस्थिति में शून्य जुताई मशीन के द्वारा बीज उत्पादन की तकनीक विषय पर प्रशिक्षण दिया. इस प्रशिक्षण के दौरान बीज एवं प्रक्षेत्र निदेशालय ढोली के कृषि वैज्ञानिक डाॅ रविकांत एवं धान अनुसंधान उपकेंद्र झंझारपुर के वैज्ञानिक डाॅ सुनील कुमार ने किसानों को जीरो टिलेज मशीन से गेहूं की खेती के तकनीकी पहलुओं के बाबत विस्तार से किसानों को जानकारी दी .
वैज्ञानिकों ने किसानों को गेहूं बीज के उत्पादन एवं रखरखाव के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी. प्रशिक्षण के पश्चात वैज्ञानिकों की टीम ने जनजातीय किसानों के खेत में जीरो टिलेज विधि से प्रत्यक्षण भी कराया .वैज्ञानिक डाॅ रविकांत ने बताया कि यह प्रत्यक्षण जनजातीय किसानों को विश्व विद्यालय एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के परियोजना के द्वारा नि:शुल्क कराया जा रहा है.
प्रशिक्षित जनजातीय सभी किसानों को खाद बीज एवं मशीन से जुताई की मुफ्त व्यवस्था की गयी है. उन्होंने बताया कि चयनित जनजातिय समुदाय के 35 किसानों के 25 एकड़ खेते में प्रत्यक्षण कराया जाना है इसका मुख्य उद्देश जनजातिय किसानों को समाजिक आर्थिक रुप से सुदृढ़ किया जाना है
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण सह प्रत्यक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ एकेपी सिंह, अधिष्ठाता कृषि डाॅ एसके वारशणेये, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र डाॅ देवेंद्र सिंह, सह निदेशक अनुसंधान डाॅ मिथिलेश कुमार, कृषि वैज्ञानिक डाॅ दायाराम सहित कई वैज्ञानिक इन पंचमनिया गांव पहुंचकर गांव के जनजातिय किसानों को विशेष रूप से मार्गदर्शित करेंगे.
इस प्रशिक्षण सह प्रत्यक्षण कार्यक्रम में निदेशालय बीज एवं प्रक्षेत्र के कर्मी राजेश कुमार, मो रफीक, आलम अंसारी, धान अनुसंधान केंद्र झंझारपुर के क्षेत्र अधिदर्शक धीरेंद्र कुमार सहित दर्जनों किसान उपस्थित थे.
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