हरिजन अत्याचार कानून में एक को एक साल जेल

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एडीजे प्रथम सह विशेष न्यायाधीश ने मामले में सुनाया फैसला झंझारपुर थाना क्षेत्र का मामला मधुबनी : झंझारपुर थाना क्षेत्र में एक दलित के साथ मारपीट व जातिसूचक गाली देने के मामले को लेकर प्रथम एडीजे सह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी मो. इशरत उल्लाह के न्यायालय में सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों के दलील […]

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एडीजे प्रथम सह विशेष न्यायाधीश ने मामले में सुनाया फैसला

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झंझारपुर थाना क्षेत्र का मामला
मधुबनी : झंझारपुर थाना क्षेत्र में एक दलित के साथ मारपीट व जातिसूचक गाली देने के मामले को लेकर प्रथम एडीजे सह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी मो. इशरत उल्लाह के न्यायालय में सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों के दलील सुनने के बाद आरोपी झंझारपुर थाना क्षेत्र के बेलाराही निवासी ब्रजकिशोर राजहंस को धारा 323, 504 भादवि एवं हरिजन अत्याचार अधिनियम के दफा 3(1)10 में एक एक वर्ष कारावास की सजा सुनाई है.
साथ ही पांच हजार जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सरकार की ओर से बहस करते एससी एसटी के विशेष लोक अभियोजक सपन कुमार सिंह ने बहस करते हुए न्यायालय से अधिक से अधिक सजा की मांग की थी.
वहीं बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता जय किशोर सिंह ने बहस करते हुए न्यायालय से कम से कम सजा की मांग की थी.
पानी पीने को लेकर हुआ था विवाद: अभियोजन के अनुसार 5 जुलाई 2001 को सूचक सीताराम राम झंझारपुर अनुमंडल परिसर में अपनी जमीन संबंधित कागजात को फोटो स्टेट कराने गया था.
इसी समय आरोपी चापाकल पर पानी लेने से सूचक को मना करने लगा कि पानी छुआ जायेगा. इसी दौरन सूचक सीताराम राम पानी पीने का कोशिश करने लगा. इसी पर दोनों में विवाद हो गया. बाद में शाम में घर जाने समय स्टेडियम के नजीक घेर कर जाती सूचक गाली देते हुए मारपीट किया था. इस बावत सूचक सीताराम राम के बयान पर झंझारपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज हुआ था.
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