मधुबनी : चार घंटे में पहुंच सकेंगे अयोध्या से जनकपुर : योगी आदित्यनाथ

Updated at : 13 Dec 2018 8:24 AM (IST)
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मधुबनी : चार घंटे में पहुंच सकेंगे अयोध्या से जनकपुर : योगी आदित्यनाथ

मधुबनी : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल के विकास और जनकपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति केंद्र सरकार गंभीर है. पीएम मोदी के बीते साल जनकपुर में हुए दौरे के समय रामायण सर्किट की बात कही गयी थी. अब उस पर जोर-शोर से काम किया जा रहा है. जिस […]

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मधुबनी : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल के विकास और जनकपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति केंद्र सरकार गंभीर है. पीएम मोदी के बीते साल जनकपुर में हुए दौरे के समय रामायण सर्किट की बात कही गयी थी. अब उस पर जोर-शोर से काम किया जा रहा है. जिस प्रकार से सड़कें बनायी जा रही हैं, अब अयोध्या से जनकपुर मात्र चार घंटे में, लखनऊ छह घंटे में और दिल्ली की दूरी मात्र आठ घंटे में तय हो सकेगी.

इसके अलावा अयोध्या-जनकपुर बस सेवा की शुरुआत भी पीएम मोदी ने कर दी है. जयनगर से कुर्था तक की रेल सेवा शुरू किये जाने को लेकर काम तेजी से हो रहा है. वह बुधवार को जनकपुर के बारहबीघा मैदान में आयोजित श्रीराम सीता स्वयंवर सभा के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. योगी ने कहा कि राजा दशरथ और राजा जनक के युग से भारत-नेपाल का संबंध रहा है, जो अटूट है.

इस बात का इससे बड़ा और पुख्ता प्रमाण क्या होगा कि त्रेता युग में मां सीता व भगवान श्रीराम के विवाह संबंध से जुड़े दोनों देशों के संबंध को हम आज भी उसी उत्साह से मनाते आ रहे हैं. हर साल जनकपुर में अयोध्या सहित पूरे भारत के कोने-कोने से लोग मां जानकी व भगवान श्रीराम की शादी के प्रतीक समारोह में शामिल होने आते हैं. जनकपुर और अयोध्या ने पूरी दुनिया को संबंध बनाने व इसे निभाने की मिसाल दी है. कम-से-कम 10 हजार साल से हम इस संबंध को आत्मीयता से निभाते आ रहे हैं. एक दूसरे के साथ हमें चाहिए, हम साझी नियति से जुड़ चुके हैं.
कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता
योगी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति का वास्तविक लाभ नेपाल प्राप्त कर सके, इसके लिए कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी गयी है. कनेक्टिविटी से जुड़ी यह परियोजना न केवल नेपाल के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि दोनों देशों के मध्य व्यापार, निवेश और जनसामान्य के सुगम आवागमन की हमारी साझी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. साथ ही दोनों देशों की कृषि संबंधी संभावनाओं के सदुपयोग के लिए भी हमें सम्मिलित प्रयास करने होंगे. इसके लिए बीते साल दोनों देशो के प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में नयी भागीदारी की घोषणा की है. इससे विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कृषि विज्ञान और तकनीकी, कृषि उत्पादन तथा एग्रो प्रोसेसिंग में सहयेाग को बढ़ाया जायेगा.
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के मध्य पर्यटन सेक्टर की संभावनाओं का सदुपयोग करने के लिए रामायण तथा बुद्धिस्ट सर्किट के विकास पर सक्रियता से कार्य करना होगा. अयोध्या- जनकपुर तथा वाराणसी-काठमांडो के मध्य सिस्टर सिटी समझौता होने से इस दिशा में शुरुआती कदम उठा दिये गये हैं.
इससे पहले योगी का पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया. जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी राम रोशन दास ने उन्हें पाग, दुपट्टा व माला से स्वागत किया. इस मौके पर कई प्रकार की झांकिया भी प्रस्तुत की गयीं. मंच पर नेपाल के प्रॉविंस संख्या दो के गवर्नर रत्नेश्वर लाल कायस्थ, नेपाल के संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री रवींद्र प्रसाद अधिकारी, संख्या दो के मुख्यमंत्री लालबाबू राउत, मेयर लाल किशोर साह, सहित दर्जनों मठ से आये साधु-संत उपस्थित थे.
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