मधुबनी : नप क्षेत्र में शौचालय निर्माण की राशि लेकर शौचालय नहीं बनाने वाले पर विभाग कार्रवाई कर सकती है. इसके लिये केंद्रीय टीम ने शहर का स्थल निरीक्षण शुरू कर दिया है. वहीं इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बरतने मे संलिप्त रहने वाले कर्मी भी नपेंगे. केंद्रीय टीम शहर में बन रहे शौचालय का निरीक्षण कर रही है. बताया जा रहा है कि शौचालय निर्माण के लिए सरकार द्वारा दिये गये अनुदान का लाभ लेने वाले लाभुक किसी प्रकार की कोताही बरती तो उनपर कार्रवाई हो सकती है. वहीं शौचालय के लिए परिवारों की सूची बनाने एवं उसके सत्यापन करने वाले कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है. इससे नगर परिषद में हड़कंप मचा हुआ है.
31 मार्च तक होना है ओडीएफ घोषित
शहर को खुले में शौच से मुक्त करने के अभियान में अभी कई बाधाएं है. यह नगर परिषद के ओडीएफ अभियान को आईना दिखा रहा है. शहर में भारत स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए 2014-15 से ही कवायद चल रही है. इसके तहत शहर के शौचालय विहीन परिवारों का सर्वे किया गया था. जिसमें करीब 10 हजार परिवार ऐसे थे जिन्हें शौचालय नहीं था. ये परिवार खुले में शौच कर रहे थे. शहर को 31 मार्च ओडीएफ करना था. इसके लिए नगर परिषद का मैराथन दौड़ जारी है. जानकारी के अनुसार अब तक मात्र 66 फीसदी लक्ष्य ही हासिल हो सका है. कुल मिलाकर 21 दिन में 34 फीसदी काम करना होगा. आंकड़ों के अनुसार से 21 दिन में करीब 43 सौ परिवार का शौचालय बनाना होगा.
हालांकि शौचालय निर्माण में कथित तौर पर अनियमितता बरते जाने की भी आशंका जतायी जा रही है. दो हजार से अधिक लोगों के पास जमीन नहीं है. शहर में करीब तीन हजार से अधिक लोग जो फुटपाथ पर जिंदगी जीते हैं. वे अब भी खुले में शौच करने जाते हैं. शहर के बाहरी इलाके में सुबह-शाम इन्हें खुले में शौच करते देखे जा रहे हैं. इनके लिए अब तक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं किया गया है. हालांकि नगर परिषद 10 स्थलों का चयन कर शौचालय निर्माण के लिए निविदा का प्रकाशन किया है. पर इसके निर्माण में अभी वक्त लगेगा. ऐसे में 31 मार्च तक शहर को ओडीएफ करना मुश्किल होगा.
लगाया जा रहा कैंप
शहर के लोगों को भारत स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय योजना का लाभ से कोई छुटे नहीं इसके लिए कैंप लगाया जा रहा है. पिछले दो महीने से सभी वार्डो में कैंप आयोजित की जा रही है. कार्यपालक पदाधिकारी
जटाशंकर झा ने कहा कि सही लाभुकों को इसका लाभ मिले इसे क्रॉस चेकिंग भी किया जा रहा है.
राशि लेकर निर्माण नहीं, तो होगी कार्रवाई, केंद्रीय टीम कर रही शहर का निरीक्षण
शहर को ओडीएफ बनाने की कवायद तेज, अब तक 66 फीसदी लक्ष्य ही हुआ हासिल
10000 शौचालय बनाने का लक्ष्य
नगर परिषद द्वारा शहर में 2014-15 में किये गये सर्वे के मुताबिक 10 हजार 8 सौ परिवार शौचालय विहीन परिवार थे. सूत्रों के मुताबिक 55 सौ परिवार को दोनों किस्तों का भुगतान कर दिया गया. इसके लिए उन्हें कुल 12 हजार रुपये दिये गये. जबकि, अन्य एक हजार परिवारों को प्रथम किस्त का भुगतान किया गया है. करीब 4300 सौ परिवार की अब तक एक भी किस्त नहीं मिला है. ऐसे में शहर ओडीएफ में अभी चुनौती बरकरार है.