मधुबनी में 200 से अिधक सुअरों की मौत स्वाइन फ्लू की आशंका

Published at :24 Feb 2018 3:19 AM (IST)
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मधुबनी में 200 से अिधक सुअरों की मौत स्वाइन फ्लू की आशंका

मधुबनी : नगर थाना क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह में दो सौ से अधिक सुअरों की मौत हो गयी है. पशुपालन विभाग की मानें, तो उनके मरने के लक्षण स्वाइन फ्लू के हैं. सुअरों की मौत से पशुपालक परेशान हैं. दूसरी तरफ शहर के निवासी मृत सुअरों को यत्र-तत्र फेकें जाने से परेशान हैं. उन्हें […]

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मधुबनी : नगर थाना क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह में दो सौ से अधिक सुअरों की मौत हो गयी है. पशुपालन विभाग की मानें, तो उनके मरने के लक्षण स्वाइन फ्लू के हैं. सुअरों की मौत से पशुपालक परेशान हैं. दूसरी तरफ शहर के निवासी मृत सुअरों को यत्र-तत्र फेकें जाने से परेशान हैं. उन्हें महामारी फैलने की आशंका सता रही है.

नगर के बस स्टैंड के पीछे अवस्थित टोल, चभच्चा मोड़ के पास मेहतर टोल में बड़ी संख्या में सुअरों की मौत हुई है. बस स्टैंड के पश्चिम टोल से निवासी दीपक राम ने बताया कि इस मोहल्ले की बड़ी संख्या में सुअरों की मौत अज्ञात बीमारी से हुई है. दीपक ने बताया कि उसके 6, शीला राम के 12, राजा राम के 10, शीला देवी के 11, चंदेश्वर राम के 8, पप्पू राम के 9 सुअरों की मौत हो चुकी है. चभच्चा मोहल्ला के मेहतर टोल के चंदन राम के11 सुअरों की मौत हुई है. इसके अलावे अन्य मुहल्लों से भी सुअरों के मौत की खबर सामने आ रही हैं.
क्या है बीमारी का लक्षण
प्रकाश राम ने बताया कि सुअरों का पेट हांफता है. उन्हें तेज बुखार होता है तक एक – दो दिन में उनकी मौत हो जाती है. दवा से भी फायदा नहीं हो रहा है. गरीब सुअर पालक इस बीमारी से हैरान हैं.
मधुबनी में 200 से…
क्या कहते हैं चिकित्सक
सुअरों के मौत की जानकारी पशुपालन पदाधिकारी डाॅ शशिकांत प्रसाद को नहीं है. बीमारी की जानकारी देने पर डा. प्रसाद ने कहा कि पशुपालन अस्पताल में अभी तक इस तरह का मामला नहीं आया है. बीमारी के लक्षण जानने के बाद उन्होंने कहा कि यह लक्षण स्वाइन फ्लू के हैं. स्वाइन फ्लू से सुअरों की मौत हो रही है. उन्होंने कहा कि इसका इलाज हाई एंटिबायोटिक एवं बुखार की दवा है. दोनों ही दवा अस्पताल में उपलब्ध है. ऐसे बीमार होने पर तत्काल अस्पताल लाकर इलाज कराना चाहिए.
क्या कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी
कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया है शहर से जल्द से जल्द मरे हुए सुअर को उठाने की पहल की जा रही है. वहीं जिस इलाके में उन्हें फेंका गया है वहां पर ब्लिचिंग पाउडर व अन्य एहतियात के इंतजाम किये जा रहे हैं.
अब इंसान में महामारी का खतरा
सुअरों की मौत से अब आम लोगों में दहशत है. नगर प्रशासन मौन है. कब महामारी फैल जाये, कुछ कहा नहीं जा सकता. दरअसल मर रहे सुअरों को शहर के रिहाइशी इलाके में फेंका जा रहा है. उससे अब दुर्गंध आ रही है. एक साथ एक जगह पर दर्जनों सुअरों को फेंका गया है. इस मार्ग से आने जाने में परेशानी हो रही है. वार्ड न. सात के वार्ड पार्षद सुरेंद्र मंडल ने कहा कि 9 मृत सुअरों को गोशाला मोहल्ले में फेंका गया है. वहीं दर्जनों मृत सुअर माल गोदाम रोड में फेंके गये हैं. वार्ड न. 18 के वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि कैलाश साह ने कहा कि वार्ड न. 18 के सरकारी बस स्टैंड में एक दर्जन मृत सुअर फेंके गये हैं. ऐसे में उनसे निकलने वाली गंध से मोहल्ले वाले परेशान हैं. इससे होने वाली बीमारी से लोग आशंकित हैं.
सुअर पालकों में हड़कंप,
रिहायशी इलाकों में शव फेंके जाने से महामारी की आशंका
नगर प्रशासन मौन, लोगों में दहशत
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