चकदह मंसूरी टोल के 40 परिवार विस्थापित
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Aug 2017 5:10 AM (IST)
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परेशानी. हवा भरे ट्यूब से आते जाते हैं बीमार व अपाहिज लोग मधुबनी : इस साल बारिश क्या हुई चकदह मंसूरी टोल के लोग बेघर हो गये. अब तक बस्ती के करीब चालीस परिवार अपने अपने घर से विस्थापित हैं. इनमें से कुछ लोग प्राथमिक मकतब में रह रहे हैं तो कुछ रामपट्टी- मधुबनी मुख्य […]
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परेशानी. हवा भरे ट्यूब से आते जाते हैं बीमार व अपाहिज लोग
मधुबनी : इस साल बारिश क्या हुई चकदह मंसूरी टोल के लोग बेघर हो गये. अब तक बस्ती के करीब चालीस परिवार अपने अपने घर से विस्थापित हैं. इनमें से कुछ लोग प्राथमिक मकतब में रह रहे हैं तो कुछ रामपट्टी- मधुबनी मुख्य सड़क किनारे बसे कुछ लोगों के घरों में शरण लिये हुए हैं. आवाजाही के लिये मुख्य सड़क पर अब भी करीब पांच फीट से अधिक पानी. कई लोग बीमार हो गये हैं. इन बीमार लोगों को डॉक्टर के पास ले जाने के लिये लोगों ने एक हवा भरे ट्यूब का इंतजाम किया है. इसी के सहारे बीमार लोग या अपाहिज को लेकर लोग आते जाते हैं.
पंद्रह दिन से अधिक से है जल जमाव : मंसूर टोल में बीते पंद्रह दिनों से अधिक समय से जल जमाव है. जिस कारण लोग बेहाल की जिंदगी जी रहे हैं. घरों में खाना तक बनाने का इंतजाम नहीं है. घरों में जल जमाव का आलम यह है कि लोगों के घरों मे बत्तक तैरता दिखा. बस्ती की सूरत ऐसी है मानों चारों ओर से पानी से घिरे कोई टापू हो. जल जमाव के कारण एक के बाद एक कर करीब दो दर्जन से अधिक घर गिर चुका है. कई घरों के नीचे की जमीन ही गायब है. पक्का मकान को लोग बांस के बल्ला के सहारे गिरने से बचाने की कोशिश में जुटे हैं.
दस दिन से खा रहे चूड़ा चीनी : बस्ती में कई ऐसे परिवार हैं जो बीते दस दिनों से अधिक समय से चूड़ा चीनी, मुरही खाकर जीवन जी रहे हैं. खाना बनाने का जगह ही नहीं बचा है. मांग कर कहां से लायें और यह उनके स्वाभिमान के खिलाफ भी है. दिन के करीब एक बजे हम इस बस्ती में पहुचे. 62 वर्षीय हसीबुल के घर में आज भी घुटने तक पानी है. बत्तख पानी में तैर रहा था. खुद हसीबुल एक चौकी पर थाली में सूखा खाना लिये खा रहे थे. बताते है कि साल 1987 में भी उन लोगो की स्थिति इतनी खराब नहीं थी. पर इस साल तो पानी ने कहर बरपा दिया है. घर को छोड़ कर कहां जायें.
बीमार पड़ रहे लोग : जल जमाव से मंसूरी टोल के दर्जनों लोग बीमार हैं. पर सबसे अधिक परेशानी इन बीमार को लेकर डॉक्टरों के पास जाने में होती है. रास्ता सही नही है. ऐसे में लोगों ने बाजार से एक ट्यूब खरीदा और उसमें हवा भरकर उसे खास तौर पर बीमार और अपाहिज के लिये ही रखा है. बुधवार को मों कमाल अपने बेटे के साथ डॉक्टर से दिखा कर वापस आ रहे थे. बताते हैं कि कई दिनों से बुखार और सर्दी है. पानी में उतर नहीं सकते.
विस्थापित हैं परिवार : कच्चा घर, बीते पंद्रह दिनों से पानी लगा हुआ. कब तक ये घर पानी की मार को झेल सकते हैं. बस्ती का करीब एक सौ से अधिक घर अब भी पानी से घिरा है. कई घर में घुटने तक पानी है. सांप कीड़ा भरा है. लोग अपने अपने घरों में ताला लगा कर विस्थापित हो चुके हैं. बस्ती के करीब चालीस से अधिक परिवार इन दिनों विस्थापित हो चुका है.
इस बाबत एसडीओ अभिलाषा कुमारी शर्मा ने बताया है कि बस्ती से पानी निकासी के लिये पहल की जा रही है. जल्द ही बस्ती का पानी निकाल लिये जायेंगे.
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