जांच टीम ने सीएस को सौंपा जांच प्रतिवेदन

Updated at :09 Jun 2017 4:02 AM
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जांच टीम ने सीएस को सौंपा जांच प्रतिवेदन

मधुबनी : सिविल सर्जन डा. अमर नाथ झा द्वारा गठित जांच टीम ने बासोपट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 25 जून को हुई घटना का जांच प्रतिवेदन बुधवार को सीएस को सौंप दिया. जांच प्रतिवेदन में जांच टीम द्वारा पुलिस के समक्ष घटना को असामाजिक तत्वों द्वारा अंजाम दिये जाने का मामला भी सामने आया है. […]

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मधुबनी : सिविल सर्जन डा. अमर नाथ झा द्वारा गठित जांच टीम ने बासोपट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 25 जून को हुई घटना का जांच प्रतिवेदन बुधवार को सीएस को सौंप दिया. जांच प्रतिवेदन में जांच टीम द्वारा पुलिस के समक्ष घटना को असामाजिक तत्वों द्वारा अंजाम दिये जाने का मामला भी सामने आया है.

क्या है मामला : गत 25 मई को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. शीला आजाद, चिकित्सा पदाधिकारी डा. तमन्ना रूही व परिधापक प्रह्लाद चंद्र राय को असमाजिक तत्वों द्वारा मारपीट किया गया. साथ ही अस्पताल के खिड़की और दरवाजे को भी तोड़ फोड़ किया गया. जिसके बाद अस्पताल के सभी चिकित्सक व कर्मियों के कार्य स्थगित कर हड़ताल पर बैठ गये. डीएम व सीएस के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त किया गया और अस्पताल में कार्य प्रारंभ हुआ.
डीएम व सीएस ने जांच टीम का किया गठन : इस घटना को लेकर डीएम ने घटना की जांच का जिम्मा अनुमंडल पदाधिकारी व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जयनगर को सौपा. वहीं सिविल सर्जन ने एसीएमओ डा. आरडी चौधरी व डीएमओ डा. सीके सिंह को जांच का जिम्मा सौपा.
सिविल सर्जन डा. अमर नाथ झा द्वारा गठित जांच टीम ने सीएस को अपने जांच प्रतिवेदन 7 जून को सौंपा. अपने जांच प्रतिवेदन जांच पदाधिकारी ने लिखा है कि 25 मई को कौवाहा- बासोपट्टी सड़क पर एक मोटर साइकिल व ट्रैक्टर के बीच टक्कर हो गया. जिसमें मोटर साइकिल सवार एक व्यक्ति की मृत्यु घटना स्थल पर ही हो गयी. जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी था.
पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा घटना स्थल पर तत्काल एंबुलेंस भेजा गया. जिससे दो व्यक्ति को अस्पताल लाया गया. जहां मृत व्यक्ति को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. जबकि गंभीर रूप से घायल मरीज को प्राथमिक उपचार के पश्चात डीएमसीएच रेफर किया गया. इस बीच असमाजिक तत्वों द्वारा ड्यूटी पर तैनात डा. तमन्ना रूही, परिधापक व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ मारपीट किया गया.
जान बचाने के लिए सभी चिकित्सक एक अन्य कमरे में बंद हो गये. लेकिन असमाजिक तत्वों द्वारा उक्त कमरे के दरवाजे को भी तोड़ दिया गया. जिसके बाद चंदन कुमार झा ने बीच- बचाव कर उक्त लोगों को बचाया. जांच प्रतिवेदन में जांच पदाधिकारी ने यह भी उल्लेखित किया है कि डा. शीला आजाद द्वारा थानाध्यक्ष को फोन किया गया. पहली बार तो थानाध्यक्ष द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया. बाद में फोन उठाया गया तो उन्होंने डा. आजाद को कहा कि नौटंकी मत किजिये. उस समय कलुआही और हरलाखी को पुलिस भी घटना स्थल पहुंची. जांच प्रतिवेदन पुलिस की मौजूदगी में घटना को अंजाम देने की बात कही गयी. जांच पदाधिकारी ने अपने जांच प्रतिवेदन में यह भी उद्धत किया है कि जनहित में समस्याओं को देखते हुए चिकित्सक व कर्मियों ने घटना 27 जून को समाप्त कर दिया.
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