मां सरस्वती की पूजा आज, शहर से लेकर गांव तक स्कूली बच्चें एवं युवाओं में दिख रहा उत्साह

Updated at : 02 Feb 2025 7:43 PM (IST)
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मां सरस्वती की पूजा आज, शहर से लेकर गांव तक स्कूली बच्चें एवं युवाओं में दिख रहा उत्साह

प्रतिमा निर्माण स्थल पर मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा लोगों को आकर्षित कर रही है.

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– जिले में बड़े स्तर पर की जा रही है सरस्वती पूजा की तैयारी – – विद्यालयों में भी भव्य रूप से होती है मां सरस्वती की आराधना – मधेपुरा. ज्ञान, संगीत, और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित वसंत पंचमी के दिन जिले भर में हर्षोल्लास के साथ सरस्वती पूजा का शहर से लेकर गांव तक की जा रही है. हजारों की संख्या में लोग मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित किये गये है. इसके अलावा विद्यालय, कोचिंग संस्थान से लेकर पूजा को लेकर बनी आयोजन समितियों द्वारा भी पंडाल, पूजा, प्रसाद वितरण सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है. खासकर स्कूली बच्चें एवं युवाओं में सरस्वती पूजा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है. – भव्य प्रतिमाएं कर रहीं आकर्षित – भव्य एवं मनमोहक पंडाल बनाकर मां सरस्वती की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं. वृहत स्तर पर प्रसाद का भी वितरण किया जाता है. प्रतिमा निर्माण स्थल पर मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा लोगों को आकर्षित कर रही है. सभी विद्यालय, महाविद्यालय के छात्रावास एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं सहित सैकड़ों जगह पूजा पंडाल स्थापित कर सरस्वती पूजा की जाती है. विद्या एवं कला की देवी मां सरस्वती की अराधना अब काफी भव्य होता जा रहा है. रविवार को मां सरस्वती की अराधना का दिन है. वसंत पंचमी के दिन होने वाली इस पूजा को लेकर तैयारी अंतिम चरण में है. – धूप नहीं निकलने के कारण प्रतिमा निर्माण में कलाकारों को हुई परेशानी – पूजा के लिए प्रतिमा का निर्माण भी दो महीने पहले से चल रहा था. हालांकि ठंड का प्रकोप बढ़ने के कारण एवं समय पर धूप नहीं निकलने के कारण प्रतिमाओं के निर्माण में कलाकारों को थोड़ी परेशानी हुई. इस परेशानी को कृत्रिम तरीके से ताप देकर दूर किया गया. आकर्षक प्रतिमाओं के अनुसार ही इसकी कीमत भी है. मध्यम आकार की प्रतिमाओं की कीमत दस हजार रूपये से शुरू होती है. कलाकार अपनी पूरी कल्पना प्रतिमा को जीवंत बनाने में लगा देते हैं. प्रतिमाओं की कीमत 20 हजार रूपये तक है. हालांकि अब तो ज्यादातर प्रतिमा बुक भी हो चुकी हैं. कलाकार मूर्ति को अंतिम रूप देने में लगे हैं. जिला मुख्यालय में मूर्ति बना रहे कलाकार बताते हैं कि ज्यादातर मूर्तियां आर्डर पर ही बनायी जाती है. विद्यालय एवं बड़े स्तर पर होने वाली पूजा के लिए बड़ी मूर्तियां बनायी जाती हैं, जिन्हें बनाने में अधिक लागत एवं मेहनत लगती है. टेंट व्यवसायी तीन से चार कार्यक्रम तक का करार कर चुके हैं और तैयारी शुरू कर चुके हैं. मध्यम स्तर के आयोजन के लिए टेंट की बुकिंग 25 हजार से 50 हजार और उससे अधिक में हो रही है. – अंतिम दौर पर है प्रतिमा की बिक्री, बाजार में गरमाहट – पूजा के दौरान प्रसाद किसी को कम न मिले, आयोजक इसका खास खयाल रखते हैं. सरस्वती पूजा के दौरान मां सरस्वती की मूर्ति देखने के लिए हजारों लोग उमड़ते हैं. इनमें लड़कियों एवं महिलाओं की संख्या ज्यादा होती है. प्रसाद में बेसन का बुनिया एवं चूरमा तो जरूरी है ही, इसके अलावा विभिन्न प्रकार के फलों का होना भी काफी जरूरी है. इसके लिए भी आयोजनकर्ता दस हजार से 25 हजार तक बजट रख रहे हैं. सोमवार को यानी आज ही सरस्वती पूजा है. पूजा की तैयारी करीब-करीब अंतिम चरण में है. इस समय चारों ओर रौनक नजर आ रही है. एक से एक खूबसूरत देवी सरस्वती की प्रतिमाएं सजकर तैयार है. शहर के बाजारों में भी देवी प्रतिमा की बिक्री अंतिम दौर पर है. इस वर्ष मूर्तियों के दाम काफी बढ़े हुए हैं. प्रतिमा के रंग के साथ सजावट की सामग्रियां भी काफी महंगी है. जाहिर है लागत अधिक होगी तो कीमत भी ज्यादा होगी. दुकानदारों ने बताया कि खरीदारों को लगता है कि हम बहुत अधिक कीमत ले रहे हैं. सजावट का सामान खरीदते वक्त ये बहुत मोल-भाव करते हैं. जबकि महंगाई हर ओर बढ़ गई है.

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